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Shahjahanpur News: जल और भवन कर बढ़ाने पर हंगामा, लोगों ने पालिकाध्यक्ष और ईओ का किया घेराव

Mon, 19 Jan 2026 04:59 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर के जलालाबाद में नगर पालिका ने जल और भवन कर बढ़ा दिया। नए कर के आधार पर वसूली भी शुरू कर दी। इसके विरोध में सोमवार को नगरवासियों ने पालिकाध्यक्ष और ईओ को घेराव कर प्रदर्शन किया। 
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लोगों ने पालिकाध्यक्ष और ईओ का किया घेराव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शाहजहांपुर के जलालाबाद में नगर पालिका ने जल और भवन कर के रूप में निर्धारित किए कर (टैक्स) को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। नए टैक्स की वसूली के विरोध में भाजपा नेता गोपाल द्विवेदी व सांसद प्रतिनिधि गौरव राघव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पालिका दफ्तर पहुंचे नगरवासियों ने चेयरमैन शकील अहमद व ईओ एचएन उपाध्याय का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। पूर्व एमएलसी संजय मिश्रा भी वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों की ईओ से तीखी नोकझोंक हुई। 

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सभी प्रदर्शनकारी नए टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग कर रहे थे। इस दौरान ईओ को दिए पत्र में टैक्स संबंधी विभिन्न चार बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट की मांग करते हुए इस मामले को हाईकोर्ट ले जाने की चेतावनी भी गई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे व विरोध के बाद ईओ ने आगामी दो फरवरी को बोर्ड की बैठक बुलाकर इस मामले को रखने व सदस्यों की राय के अनुरूप अगला निर्णय लेने का आश्वासन देकर मामले को शांत किया। ईओ ने कहा कि तब तक नए टैक्स की वसूली प्रक्रिया स्थगित रखी जाएगी। 

दस गुना ज्यादा है नया शुल्क 
नगर पालिका ने जल व भवन कर के रूप में निर्धारित किए गए शुल्क के नोटिस लोगों को जारी किए। यह नया शुल्क दस गुना से ज्यादा है। नगर के 25 में से 16 वार्ड में यह नोटिस जारी के पालिका ने वार्डवार कैंप लगाकर वसूली भी शुरू कर दी गई। इसे लेकर लोगों के बीच विरोध के स्वर तेज हो गए। प्रदर्शंनकारियों का नेतृत्व कर रहे गौरव राघव ने बताया कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य करते हुए पालिका ने मनमाने तरीके से लोगों पर टैक्स लगा दिया। 
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उन्होंने बताया कि कर निर्धारण से पहले कोई सर्वे नहीं कराया गया। सर्वे के दौरान लोगों को फार्म वितरित कर इसमें मकान संबंधी जानकारी दिए जाने का प्रावधान था, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया। आरोप लगाया कि सर्वे कागजों में ही पूरा कर लिया गया और सर्वे के नाम पर भारी रकम खर्च कर दी गई। ईओ ने बताया कि जो भी आरोप लगाए गए वह पूरी तरह गलत हैं। कर निर्धारण की प्रक्रिया नए शासनादेश के अनुरूप पूरी की गई। आगामी दो फरवरी को बोर्ड की मीटिंग में इस मामले को रखा जाएगा। उसी के अनुसार अगली कार्रवाई होगी।
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