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Shahjahanpur News: थम नहीं रहा विरोध...दूसरे विद्यालयों में बच्चों को न भेजने पर अड़े अभिभावक

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शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदा​धिकारी। स्रोत: संगठन
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शाहजहांपुर। स्कूलों को विलय करने का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को निगोही, कांट, ददरौल समेत कई इलाकों में ग्रामीणों ने स्कूलों को विलय करने का विरोध किया। ग्रामीणाें ने सुनसान रास्ते का हवाला देते हुए दूसरे स्कूलों में बच्चों को भेजने से साफ मना कर दिया।
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जनपद में 358 स्कूलों को विलय करने का आदेश जारी होने से हड़कंप मचा हुआ है। लोग आपत्ति दर्ज करा रहे हैं। जांच को देखते हुए कुछ आदेश होल्ड किए गए हैं। शुक्रवार को अमर उजाला ने विलय होने वाले स्कूलों की पड़ताल की तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि वर्षाें पुराने स्कूल को बंद कर बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से अलग किया जा रहा है। सुनसान रास्तों पर जंगली जानवरों का खतरा होने के चलते बच्चों को दूसरे गांव नहीं भेजेंगे।
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सुनसान रास्ता एक किमी, आम रास्ता ढाई किमी
निगोही विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय पैतापुर में वर्तमान में 33 छात्र नामांकन हैं। इससे पहले वर्ष 2023-24 में 40 थे। उससे पहले करीब 75 विद्यार्थी नामांकित हुआ करते थे। धीरे-धीरे लोगों ने अपने बच्चों को सरकारी से निकालकर निजी स्कूलों में भेजना शुरू कर दिया। इससे छात्र संख्या नीचे आ गई। स्कूल विलय होने की सूचना के बीच शुक्रवार को मात्र 22 छात्र-छात्राएं ही विद्यालय में पहुंचे। स्कूल विलय होने का अभिभावकों ने विरोध करना शुरू कर दिया। बताया कि स्कूल को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हमजापुर में विलय किया गया है। वहां जाने के लिए सुनसान रास्ता एक किलोमीटर है तो भीड़ वाला रास्ता ढाई किलोमीटर पड़ता है। सुनसान रास्ते पर जंगली सुअर, बंदर, सियार, निराश्रित गोवंश आदि के हमले का डर बना रहता है। वहां बच्चों को बिल्कुल भी नहीं भेजेंगे।

बेटी उपासना, साधना स्कूल में पढ़तीं हैं। हमजापुर जाने वाले रास्ते पर भारी वाहनों का संचालन होता है। इससे हादसा होने का डर रहेगा। स्कूल को विलय नहीं किया जाए। -सेठ पाल

हमारी बेटी परिधि व बेटा सुंदरम की पढ़ाई छूट जाएगी। हमारे घुटनों में दर्द रहता है। हम बच्चों को हमजापुर छोड़ने नहीं जा पाएंगे। अकेले भेजने पर खतरा रहेगा। -नीतू

जंगल क्षेत्र में बच्चों को स्कूल कैसे भेज सकते हैं। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। गन्ने के खेत से लेकर झाड़ियां तक रास्ते पर हैं। स्कूल न जाने से बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाएगी। - ममता

वर्ष 1952 में बना था स्कूल, 43 छात्र संख्या पर भी मर्ज किया
कुर्रिया कलां। कांट विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय कुर्रिया कलां को बांसखेड़ा के उच्च प्राथमिक विद्यालय में मर्ज किया जाएगा। दोनों ही गांवों के बीच तीन किलोमीटर की आबादी है। ऐसे में पंजीकृत 43 बच्चों काे दूसरे गांव में जाने में परेशानी होगी।
विद्यालय की स्थापना 1952 में हुई थी। उस समय आसपास गांवों में विद्यालय नहीं थे। इसके चलते कुतुआपुर, बहरी कुर्रिया, बांसखेड़ा, सिसौरी, रामनगर, पल्हौरा समेत कई गांवों के बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ने आते थे। इस बीच शिक्षक भर्ती में गैर जनपद के तीन शिक्षक इस विद्यालय को मिले। उन्होंने वर्ष 2018 तक विद्यालय में अध्यापन कार्य किया। उस समय छात्र संख्या भी 148 हो गई थी। शिक्षकों का अपने जनपदों में स्थानांतरण हो जाने से स्कूल शिक्षकविहीन हो गया।
इसके बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों को घर पर बैठा लिया। कई बच्चाें का निजी स्कूलों में प्रवेश हो गया। स्कूल मर्ज होने से लगभग 12 हजार की आबादी वाले गांव के लोग प्रभावित होंगे। ग्राम प्रधान सुधांशु मिश्रा ने बताया कि डीएम से स्कूल को विलय न करने को प्रार्थना पत्र दिया। सर्वोदय विकास समिति के सचिव विनय मिश्रा ने कहा कि स्कूल बहुत पुराना है। सरकार को इसे मर्ज करने पर फिर से विचार करना चाहिए।

पंचौली गांव में स्कूल के बाहर प्रदर्शन
विकास खंड ददरौल के ग्राम पंचायत पंचौली में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने विद्यालय को दूसरे गांव में मर्ज करने के प्रस्ताव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि छोटे बच्चों को दूर भेजना सुरक्षित नहीं है। स्कूल को मर्ज होने की सूचना के बाद से बच्चों ने भी आना छोड़ दिया है। गांव के गोपीनाथ शुक्ला ने कहा कि गांव के बच्चे किसी और स्कूल में पढ़ने नहीं जाएंगे। बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित न किया जाए। रामपाल, प्रभुदयाल शुक्ला, विश्वदयाल शुक्ला, राजकमल शुक्ला, पंकज तिवारी ने विरोध जताया। संवाद

शिक्षकों ने पुवायां विधायक व एमएलसी को दिया ज्ञापन

शाहजहांपुर। परिषदीय विद्यालयों को विलय करने व शिक्षकों को सरप्लस दिखाकर स्थानांतरण करने का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ ही ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जनप्रतिनिधियों को सौंपा। शिक्षक संघ की सिंधौली इकाई के पदाधिकारियों, ग्राम प्रधान व एसएमसी अध्यक्ष ने पुवायां विधानसभा क्षेत्र के विधायक चेतराम को ज्ञापन दिया। उन्हें स्कूलों को मर्ज होने से रोकने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष नवेंदु मिश्रा, अरविंद गौतम, राजकुमार, सीमा सिंह, रितू आदि शामिल रहे। पुवायां में ब्लॉक अध्यक्ष अश्विनी अवस्थी के नेतृत्व में शिक्षकों और ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता से उनके आवास पर मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री से संस्तुति कर विद्यालय मर्जर आदेश रद कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में विनोद कुमार सिंह, कमलेश कुमारी, शाखा अग्रवाल, अंबुज गुप्ता, वैभव सक्सेना आदि मौजूद रहे। संवाद

बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कहीं असुरक्षा का भाव लगने पर प्रत्यावेदन आने पर संबंधित की जांच कराई जाएगी।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

शाहजहांपुर में विधायक चेतराम को ज्ञापन देते पदाधिकारी। स्रोत: संगठन

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