शाहजहांपुर में छात्रावास खुलवाने की मांग को लेकर विकास भवन पहुंची छात्राएं। संवाद
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शाहजहांपुर। छात्रावास न खोलने से नाराज छात्राओं ने शुक्रवार शाम विकास भवन में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची सदर बाजार थाने की पुलिस ने बमुश्किल छात्राओं को समझाया। अधिकारियों के शासन की मंजूरी के बाद जल्द छात्रावास खोले जाने के आश्वासन पर छात्राएं लौट गईं।
खिरनी बाग स्थित अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति राजकीय बालिका छात्रावास कोरोना संक्रमणकाल में शासन के आदेश पर बंद कर दिया गया था। यहां पर रहने वाली छात्राएं वापस अपने घर लौट गईं थीं। स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद छात्राएं छात्रावास न खुलने से परेशान हो रही हैं। ये छात्राएं जिले के दूरदराज के स्थानों से यहां पर रहकर पढ़ाई करती हैं। कई बार छात्राएं छात्रावास खुलवाने की मांग कर चुकी हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुकी हैं।
शुक्रवार को कई छात्राएं छात्रावास पहुंची। यहां पर उन्हें जवाब दे दिया गया कि छात्रावास अधिकारियों के आदेश के बाद ही खुलेगा। इसके बाद छात्राएं विकास भवन पहुंच गईं। दोपहर से शाम तक वे अधिकारियों से मिलने का प्रयास करती रहीं लेकिन किसी से कोई माकूल जवाब नहीं मिला। इससे नाराज छात्राओं ने शाम को हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने महिला पुलिस को मौके पर भेजा। छात्राओं के न मानने पर इंस्पेक्टर अशोक पाल भी मौके पर पहुंच गए और छात्राओं को समझाया। छात्राओं का कहना था कि वे दूर से आई हैं, उन्हें छात्रावास में रात में रुकने दिया जाए। इस पर कहा गया कि छात्रावास शासन के आदेश पर ही खुल सकता है। छात्रावास का पहले सेनेटाइजेशन कराया जाएगा। कोविड-19 की अन्य गाइडलाइन का पालन कर ही छात्रावास खोला जा सकता है। काफी देर तक समझाने के बाद छात्राएं मान गईं और घर लौट गईं। छात्राओं का कहना था कि उन्हें बार-बार लौटाया जा रहा है। प्रशासन गंभीरता नहीं बरत रहा है। इस दौरान ऐश्वर्या, दीपशिखा, रीना, संध्या भारती, श्वेता देवी, रेखा, अंजना देवी, शिखा आदि छात्राएं मौजूद रहीं।
शासन के निर्देश पर छात्रावास बंद किए गए थे। अब शासन का आदेश आने पर ही छात्रावास खोले जाएंगे। छात्राओं को समझाकर घर भिजवा दिया गया है। - राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट