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रस्म अदायगी रह गई संवर्धन मैराथन रैली

Sun, 12 Apr 2015 12:09 AM IST
शाहजहांपुर।
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बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए डीएम के स्तर से तैयार हुए संवर्धन प्रोजेक्ट के तहत शनिवार को सुबह आयोजित संवर्धन मैराथन रैली का सरकारी अनुष्ठान सिर्फ रस्म अदायगी तक सीमित रहा। हालांकि, डीएम को छोड़ अन्य तमाम प्रशासनिक अधिकारी सुबह सात बजे ग्राउंड पर पहुंच गए, लेकिन प्रचार-प्रसार की कमी और कार्यक्रम की सूचना देर से मिलने से तमाम स्कूल-कॉलेज हिस्सेदारी नहीं कर पाए। केवल स्टेडियम और ओसीएफ के खिलाड़ियों ने मैराथन दौड़ में शामिल होकर अफसरों की लाज बचाई।
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दो दिन पहले सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में संवर्धन मैराथन का ताना-बाना बुना गया, लेकिन रैली केसमय को लेकर भ्रम बना रहा। सीडीओ ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में पुरुष और महिला मैराथन के रूट का हवाला देते हुए रैली की रवानगी का समय सुबह सात बजे बताया। डीआईओएस ने सभी शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधकों को सर्कुलर भी जारी किया, लेकिन समय की कमी से सभी स्कूलों को सर्कुलर नहीं पहुंच पाया।
ऐसे में डीआईओएस दफ्तर से तमाम स्कूल संचालकों को फोन कर 100-100 बच्चे सुबह आठ बजे जीआईसी ग्राउंड पर भेजने को कहा, लेकिन मौखिक सूचना से रैली के नियत समय को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई। इसीलिए, सुबह सात बजे तक ग्राउंड पर स्कूली बच्चे नजर नहीं आए। आठ बजे तक सिर्फ सात-आठ स्कूल-कालेजों के छात्र-छात्राएं पहुंचे। इससे ग्राउंड पर थोड़ी रौनक बढ़ी, लेकिन पंडाल में खाली पड़ी कुर्सियां आयोजकों को चिढ़ाती रहीं।
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बेसिक विभाग की बैंड टोली ने बांधा समां
भारत स्काउट गाइड की पदाधिकारी दपिंदर कौर और निकहत परवीन बेसिक स्कूलों के बच्चों की बैंड टोली लेकर सुबह साढ़े छह बजे वहां पहुंच गईं। बच्चों ने ड्रम बजाना शुरू किया तो मैदान के आसपास राह चलते लोग जमा होने लगे, लेकिन उन्हें पंडाल में बुलाने की जरूरत नहीं समझी गई।

रजनीश और अनुराधा ने बाजी मारी
मैराथन पुरुष वर्ग में रजनीश सिंह और महिला वर्ग में अनुराधा गंगवार ने बाजी मारी। दोनों वर्गों में नौ-नौ अन्य श्रेष्ठ प्रतिभागी चुने गए जिन्हें सीडीओ ने पुरस्कृत किया।

पूर्व सैनिक को पुलिस ने मंच से उतारा
मंच पर अफसरों को बैठा देख पूर्व सैनिक मंजीत सिंह अपनी कोई समस्या लेकर वहां पहुंच गए। उन्होंने जेब से प्रार्थना पत्र निकाला, लेकिन इसी बीच एक अफसर ने सदर इंस्पेक्टर जेपी तिवारी को बुला लिया। अफसर के इशारे पर इंस्पेक्टर ने मंजीत को हाथ पकड़कर नीचे उतार दिया।

इस तरह शुरू हो पाई मैराथन दौड़
आठ बजे धूप तेज होने पर बच्चों को नहीं दौड़ाया गया। क्रीड़ा अधिकारी नरेश चंद्र यादव स्टेडियम के खिलाड़ी लेकर वहां पहुंचे। फुटबाल कोच दलीप शर्मा भी ओसीएफ से फुटबाल की महिला टीम ले आए। सीडीओ ने इन्हीं खिलाड़ियों को झंडी दिखाकर रवाना कर दिया। महिला मैराथन में शामिल फुटबाल टीम ने ओसीएफ गेस्ट हाउस के सामने आखिरी पड़ाव डाला, जबकि पुरुष खिलाड़ियों की टीम जीआईसी ग्राउंड लौटी। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. उमेश यादव, सिटी मजिस्ट्रेट कमलेश द्विवेदी, एसडीएम जयनाथ यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी विशंभर बाबू, सीओ राजेश्वर सिंह, डीआईओएस राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

इन सभी शिक्षण संस्थाओं की रही भागीदारी
संवर्धन मैराथन में शहर के सुदामा प्रसाद बाल विद्या मंदिर कन्या इंटर कालेज, गुरुनानक पाठशाला कन्या हाईस्कूल, देवी प्रसाद इंटर कालेज, आर्य महिला इंटर कालेज, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कालेज, क्रिश्चियन गर्ल्स हाईस्कूल और सरदार पटेल हिंदू इंटर कालेज के छात्र-छात्राओं ने हाजिरी लगाई।

गश खाकर गिर पड़ी फुटबाल खिलाड़ी
तीखी धूप और गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाने के कारण मैराथन में शामिल ओसीएफ फुटबाल टीम की एक खिलाड़ी को फैक्ट्री इस्टेट में चक्कर आ गया और वह रोड पर गिर पड़ी। उसे पानी के छींटे मारकर होश में लाया गया।
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