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एसडीएम के आश्वासन पर भाकियू का धरना स्थगित 

Thu, 08 Jun 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
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आंदोलन खत्म - फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
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रामगंगा की बाढ़ से बचाव की मांग को लेकर चल रहे भाकियू के धरना स्थल पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता के साथ एडीएम-एफआर सर्वेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बाढ़ से बचाव के लिए पत्थर की ठोकरों के  निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने का लिखित आश्वासन दिया। एडीएम के आश्वासन के बाद किसानों ने एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित कर दिया।
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 रामगंगा के तटवर्ती गांव पहरुआ मे सोमवार से चल रहे भाकियू के धरना के चौथे दिन एडीएम-एफआर सर्वेश कुमार सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीम के साथ किसानों धरना स्थल पर पहुंचे। एडीएम ने किसानों से पूछा कि पिछले सालों में बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा मिला है,पीड़ितों के मना करने पर उन्होंने  तहसीलदार रामनारायन वर्मा को बाढ़ से हुए नुकसान का प्रस्ताव अतिशीघ्र देने को कहा।          
मौजूद किसानों ने एडीएम से कहा कि पिछले वर्ष अतिवृष्टि में हुए नुकसान की चेक उन्हीं किसानों को दी गई,जिसने लेखपाल की मांग पूरी कर दी। किसानों ने क्षेत्रीय लेखपालों के  भृष्टाचार की जमकर शिकायतें कीं। एडीएम ने तहसीलदार से लेखपालों की जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए। दो घंटे तक धरना स्थल पर रुके एसडीएम ने ठोकरों का निर्माण करवाए जाने भरोसा दिलाया। लिखित आश्वासन पर भाकियू नेता उदयवीर सिंह यादव,सुरेशचंद्र शर्मा,अरविंद,रेवेंद्र सिंह वर्मा,ओवेंद्र,शीशपाल आदि ने एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित कर दिया।  
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चार गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए 20 करोड़ का खर्च
 एडीएम के साथ आए सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रामनरेश वर्मा ने बताया कि कुनिया,हरिहरपुर,पहरुआ और मौजमपुर को बाढ़ से बचाव के लिए सर्वे किया गया है। चार किलोमीटर की लंबाई मे 50-50 मीटर पर पत्थर की ठोकरें बनाए जाने में करीब 20 करोड़ का खर्च आएगा। सर्वे रिपोर्ट और स्टीमेट एक सप्ताह में शासन-प्रशासन को भेज दिया जाएगा।
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सीएचसी पर ताला पड़ा देख एसडीएम का पारा हुआ हाई
मिर्जापुर। किसानों की समस्याएं सुनने धरना स्थल पर आए एडीएम एफआर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरियनपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण मे इमरजेंसी कक्ष में ताला लटका देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि गांव गरीब के इलाज में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। लापरवाही करने वाले स्टाफ पर शासन कार्रवाई करने को तैयार है। जरियनपुर सीएचसी की पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। एसडीएम ने मौके पर मौजूद डॉ. सनीश सक्सेना से कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाएं  मुकम्मल कर लो,दो चार दिन में डीएम आने वाले हैं। अस्पताल में एक डॉक्टर के अलावा कुछ ही स्टाफ मौजूद मिला।
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