बारिश से फसल खराब हो जाने से भारी घाटे में आए किसान से सरकारी मशीनरी कोई सहानुभूति नहीं दिखा रही है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए तमाम चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, इसके बाद भी तमाम बहाने बनाकर उन्हें टरकाया जा रहा है।
पुवायां तहसील के कई सेंटरों पर नेताओं के चहेतों ने हैंडलिंग ठेका ले रखा है। कहने को तो यह ठेकेदार हैं, लेकिन गेहूं खरीद में इनका पूरा दखल है। कई ठेकेदारों की खुद की आढ़त हैं और जिनकी आढ़त नहीं, वह भी धड़ल्ले से गेहूं की खरीद कर रहे हैं। यह सारा गेहूं सरकार को दिया जाना है और दिखाया जाएगा कि गेहूं किसान से खरीदा जा रहा है। इसके लिए तमाम किसानों से किसान बही भी माफिया ने अपने पास रख ली हैं। किसानों से कम रेट में गेहूं खरीदकर, सरकारी बिक्री की चेक जमा होने के बाद खाते से रुपये निकालने के बाद किसानों को प्रति क्विंटल दस से बीस रुपये बढ़ाकर दे दिए जाते हैं।
हालत यह है कि क्षेत्र के तमाम सेंटर सूने पड़े हैं। जिन सेंटरों पर गेहूं है वहां श्रमिक नहीं होने, बारदाने का अभाव आदि बताकर खरीद नहीं की जा रही है। खुटार के गांव बैकुंठापुर में लगे सेंटर पर रविवार को तोल नहीं हो रही थी। यहां गेहूं का ढेर लगा था। सेंटर पर प्रभारी सहित अन्य कर्मचारी गायब थे। मौके पर मिले एक व्यक्ति ने बताया कि श्रमिक नहीं होने के कारण तोल नहीं हो रही है। वह गेहूं की रखवाली कर रहा है।
सेंटरों पर गेहूं खरीद नहीं हो रही है। गेहूं ले जाने पर तमाम खामियां बताकर टरका दिया जाता है। अगर खरीदते भी हैं तो कर्दा काट लेते हैं, जिससे आढ़त पर बेचने और सरकारी रेट में कोई अंतर नहीं रह जाता है। ऐसे में कोई सेंटर पर क्यों जाएगा।
- सुखचैन सिंह, गांव नरायनपुर विक्रमपुर खुटार
सेंटरों की ओर अधिकारी नजर ही नहीं डालते हैं। तमाम सेंटरों पर केवल बैनर और कांटा लगा दिया गया है। शिकायत के बाद भी गेहूं खरीद नहीं हो रही है। किसान पूरी तरह बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है।
- गुलविंदर सिंह, गांव झदिया खुटार