शाहजहांपुर। बरेली की एंटी करप्शन टीम के बुधवार को क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक को नौ हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को मंडी में सन्नाटा पसरा रहा। गिरफ्तार क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों पर प्रभारी गेहूं में नमी का बहाना बताकर लौटा देते हैं। इस वजह से उन्हें अपना गेहूं आढ़तों पर बेचना पड़ता है।
मदनापुर थाना क्षेत्र के चाहरपुर निवासी व ददरौल विधायक अरविंद सिंह के रिश्तेदार सौरभ सिंह की शिकायत पर बुधवार दोपहर तिलहर की नवीन मंडी में क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक व आरएफसी केंद्र प्रथम व द्वितीय के प्रभारी मुनींद्र नाथ पटेल को नौ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया था। उसने किसान से धान खरीद में प्रति क्विंटल सौ रुपये देने की बात तय की थी। इसके खिलाफ मीरानपुर कटरा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।
आरएफसी केंद्र प्रथम व द्वितीय की जिम्मेदारी दूसरे क्षेत्रीय विपणन निरीक्षक को दी गई है। मंडी समिति में 19 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। बृहस्पतिवार को अधिकतर केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
हालांकि, किसानों का आरोप है कि केंद्रों पर पहुंचने पर उनके गेहूं को नमी अधिक बताकर जानबूझकर अस्वीकृत कर दिया जाता है। इसके पीछे मंडी अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। आरोप है कि जैसे ही रिश्वत की रकम तय हो जाती है, वही गेहूं अचानक मानक के अनुरूप घोषित कर खरीद के लिए स्वीकार कर लिया जाता है।
भारतीय किसान मजदूर यूनियन के तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार वर्मा ने कहा कि मंडी समिति के अधिकारियों की मिलीभगत से यह भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है और किसान इसका खामियाजा भुगतने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि सौरभ सिंह ने उत्पीड़न से परेशान होकर ही एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी।
तहसील अध्यक्ष ने कहा कि इस तरह के मामलों में अन्य पीड़ित किसानों को भी आगे आकर शिकायत करनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके और मंडी व्यवस्था पारदर्शी बन सके।
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गेहूं खरीद पूरी पारदर्शिता से की जा रही है। अगर किसी किसान को दिक्कत है तो वह शिकायत करे। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन