शाहजहांपुर। ग्रामीण इलाकों में लाइन लास रोक पाने में विफल तकनीशियन ग्रेड (टीजी)-टू और संविदा कर्मियों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई। मध्यांचल निगम के चेयरमैन के निर्देश पर एसई जेपी वर्मा ने इस संबंध में अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं। लंबे समय से जमे अवर अभियंताओं के कार्यक्षेत्र भी बदल सकते हैं।
भीषण गर्मी में बिजली की लाइन में फाॅल्ट से उपभोक्ताओं को दिक्कत होने के साथ ही शासन तक निगम की किरकिरी हुई। ग्रामीण इलाकों में जेई और जीटी-टू फाॅल्ट के साथ लाइन लास रोकने में विफल रहे। इसमें सख्त निर्देशों के बाद भी सुधार नहीं हुआ। तार टूटने, मीटर खराब होने व ओवलोडिंग के चलते लाइन लास नहीं रुका।
मध्यांचल निगम से समीक्षा में सामने आया कि ग्रामीण इलाकों में स्थिति काफी विकराल है। ऐसे में अधिक लाइस लास वाले टीजी-टू के कार्यक्षेत्र में फेरबदल के लिए निर्देशित किया गया। संविदा कर्मियों को भी इधर से उधर किया जाएगा।
एसई जेपी वर्मा ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश के क्रम में अधिशासी अभियंताओं को अपने स्तर से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।
जेई पर गिर सकती गाज
-जिले के कुछ उपकेंद्रों पर जेई लंबे समय से जमे हुए हैं। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार, नियमावली के तहत एक उपकेंद्र पर तीन साल तक नियुक्ति रहती है। राजस्व वसूली में पिछड़ने के चलते ऐसे अवर अभियंताओं को हटाया जाएगा।
मीरानपुर कटरा में रेलवे स्टेशन रोड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास भरे कीचड़ से निकलतीं छात्राएं
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