त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत चौथे चरण के मतदान के लिए प्रत्याशियों द्वारा जमा किए गए नामांकनों पत्रों की जांच का दो दिवसीय काम बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। इस दौरान जिला पंचायत के एक वार्ड से भरा गया प्रेमा देवी का नामांकन पत्र नाम को लेकर गड़बड़ पाए जाने पर अधिकारियों ने निरस्त कर दिया।
जिला पंचायत के जलालाबाद, मिर्जापुर और कलान ब्लॉक से संबद्ध नौ वार्डों के लिए कलक्ट्रेट में गत शुक्रवार और शनिवार को क्रमश: 142 और 58 नामांकन पत्र विभिन्न प्रत्याशियों ने कलक्ट्रेट में जमा किए थे। बुधवार से नामांकन पत्रों की जांच का काम शुरू हुआ। पहले दिन करीब 90 फीसदी से ज्यादा नाम निर्देशन पत्रों की जांच की गई, लेकिन उनमें कोई खामी नहीं पाई गई। जांच प्रक्रिया के दूसरे दिन शेष बचे उम्मीदवारी के पर्चों की जांच के दौरान अफसरों की निगाहें वार्ड 27 कलान द्वितीय से दाखिल किए गए प्रेमा देवी के नामांकन पत्र पर ठहर गईं।
दरअसल, नामांकन पत्र में प्रत्याशी ने जो मतदाता सूची क्रमांक अंकित किया, उसका वोटर लिस्ट पर मिलान करने से पता चला कि सूची में प्रेमा देवी के स्थान पर फूलवती नाम दर्ज है। हालांकि, प्रत्याशी और उनके प्रस्तावक ने अधिकारियों को बताया कि प्रेमा देवी का ही असली नाम फूलवती है, लेकिन इस जवाब से अफसर संतुष्ट नहीं हुए।
एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड 27 से पहले दिन 15 और दूसरे दिन पांच नामांकन पत्र जमा किए गए। इन सभी पर्चों की जांच में नाम को लेकर केवल प्रेमा देवी के नामांकन पत्र में गड़बड़ी पाई गई। एडीएम के अनुसार नाम निर्देशन पत्र में प्रत्याशी के स्तर से अपने नाम के साथ उर्फ लगाकर फूलवती नाम लिखा जाता, तो उनकी उम्मीदवारी निरस्त नहीं होती।