रंजिशन अपहरण की घटना में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव शाहपुर खितौआ के दंपति ने सोमवार से कलेक्ट्रेट में फिर डेरा डाल दिया। दंपति द्वारा बेमियादी भूख हड़ताल का बैनर लगाए जाने पर कचहरी पुलिस चौकी इंचार्ज ने उन्हें कलेक्ट्रेट के बजाय जीआईसी ग्राउंड में बैठने की हिदायत दी, तो दंपति के साथ आए पूर्व प्रधान की दरोगा से नोक-झोंक हो गई।
शाहपुर खितौआ निवासी कृपाल को गत वर्ष बेगारी में धान की कटाई करने से मना करने पर गांव के ही बद्री आदि ने पीटा था। इसी रंजिश में गत वर्ष 16 सितंबर को बाजार से लौटते कृपाल का अपहरण कर लिया गया। उनके चंगुल से छूटने पर कृपाल ने कटरा थाने में बद्री उसके बेटों कुमुद गंगवार, प्रमोद व लक्ष्मी और भांजे सर्वेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी की ओर से शपथ पत्र दिए जाने पर भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
इसके विरोध मेें कृपाल ने पत्नी मधु के साथ गत 15 जून को कलेक्ट्रेट मेें धरना दिया, लेकिन तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे ने एक सप्ताह में पुलिस स्तर से कार्रवाई कराने का भरोसा देकर दंपति को घर भेज दिया। इसके बावजूद आरोपी गिरफ्तार नहीं होने पर दंपति अबोध बेटे अशोक के साथ कलेक्ट्रेट में पीपल के नीचे भूख हड़ताल का बैनर टांगकर बैठ गए। इसी बीच वहां कचहरी चौकी इंचार्ज रणजीत सिंह और एएसआई जय दयाल त्रिवेदी पहुंच गए। खाद की बोरियां बिछाए बैठे दंपति से उन्होंने सवाल किया कि सुस्ताने को बैठे हैं या धरना दे रहे हैं। पीड़ित कृपाल ने भूख हड़ताल का हवाला दिया तो चौकी प्रभारी ने सामने लगे बोर्ड को दिखाते हुए कहा कि कलेक्ट्रेट में धरना प्रतिबंधित है, इसलिए जीआईसी ग्राउंड पर जाकर बैठें। इस पर दंपति के साथ आए गांव के पूर्व प्रधान मो. जहीर ने कृपाल का पक्ष लेते हुए कहा कि वह अपनी पॉवर का इस्तेमाल कर दंपति को जबरन उठवाकर कहीं फिंकवा दें। पूर्व प्रधान के तल्ख लहजे से एएसआई त्रिवेदी भी तैश में आ गए तो वहां तमाशबीनों का मजमा जुट गया। हालांकि, बाद में पुलिस वाले पीड़ितों को वहीं छोड़कर आगे बढ़ लिए। कृपाल ने कहा कि अपहरण में शामिल लोगों की गिरफ्तारी होने तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी।