जिला और क्षेत्र पंचायत चुनाव हारने के बाद भी चुनाव मैदान में उतरे लोगों ने हिम्मत नहीं हारी है। चुनाव हार चुके कई लोग अब प्रधान पद के लिए मैदान में हैं, तो कई ने परिवार के लोगों को चुनावी जंग में उतार दिया है।
बंडा के गांव रामपुर हीरा निवासी बांकेलाल बंडा प्रथम से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़े थे। चुनाव में हार के बाद उन्होंने गांव रामपुर हीरा से प्रधान पद के लिए सोमवार को अपना नामांकन दाखिल कराया है। बांकेलाल का कहना है कि वह चुनाव जीतकर जनता की सेवा करना चाहते हैं। जिला पंचायत सदस्य नहीं बने तो क्या हुआ प्रधान बनकर भी लोगों की सेवा की जा सकती है। बंडा प्रथम से ही सत्यपाल और रमेश सिंह भी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े थे, लेकिन जीत नहीं मिल सकी।
सत्यपाल ने गांव सिंघापुर पनई से प्रधान पद के लिए मां शांति देवी का नामांकन कराया है तो रमेश सिंह ने गांव कुलुम जुझारपुर से प्रधान पद के लिए अपना और अपने पुत्र अभिषेक का नामांकन कराया है। रमेश सिंह का कहना है कि वह अपने पुत्र को प्रधान पद का चुनाव लड़ाएंगे। पुवायां, खुटार, बंडा और सिंधौली से भी जिला और क्षेत्र पंचायत का चुनाव हार चुके कई लोग मंगलवार को नामांकन कराने की तैयारी में हैं।