मना करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस बीच श्यामवीर का भाई जयवीर भी पहुंच गया। युवक की धमकी से गुस्से में आए आरोपियों ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को छिपाने के लिए प्लास्टिक की बोरी में भरकर बाइक से ढाई मार्ग पर फेंक आए।
मृतक व आरोपी के फोन एक साथ हुए थे बंद
प्रारंभिक जांच में पुलिस को घटना के खुलासे का सिरा हाथ नहीं लगा। पुलिस की शक की सुई मृतक के भाई की तरफ घूम रही थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि युवक की गांव के श्यामवीर से काफी निकटता थी। उसके बाद मृतक के मोबाइल और श्यामवीर के मोबाइल की घटना वाले दिन की लोकेशन निकाली गई।
युवक का फोन बंद होने के आधे घंटे के बाद श्यामवीर का मोबाइल स्विच ऑफ हुआ था। एसओजी ने श्यामवीर को हिरासत में लिया तो उसने बताया कि वह सुबह छह बजे कांट चला गया था, जबकि वह नौ बजे तक वह गांव में टहल रहा था। वह अपने ही बयानो में उलझता चला गया।
रेत में छिपा दिया था मोबाइल फोन
आरोपी ने मृतक का मोबाइल फोन, जूते, गला घोंटने वाला गमछा, सुई, एक प्लास्टिक के कट्टे में भरकर घर के अंदर ही रेत में छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इन्हें बरामद कर लिया।
जिला मुख्यालय पर तैनात था श्यामवीर
श्यामवीर जिला मुख्यालय में ड्यूटी करता था। पुलिस के अनुसार, संबंध बनाने के बाद युवक श्यामवीर से रुपये भी ऐंठ लेता था। यह बात उसके भाई अतर सिंह को भी पता थी। आए दिन रुपये लेने के चलते दोनों ने उसे मारने का फैसला लिया था।