रविवार को हजरत मौलाना लियाकत हुसैन रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय 19 वां सालाना उर्स अकीदत के साथ संपन्न हो गया। कुल की महफिल में मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई तथा अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी की। मोहल्ला कांकड़ स्थित दरगाह परिसर में कुल की महफिल का आगाज तिलावते कुरान से हुआ। मुख्य अतिथि मुफ्ती सुलतान रजा नूरी बहराइची ने कहा कि औलिया कराम की तालीमात से दुनिया में अमन-ओ-अमान बाकी रह सकता है। मौलाना जुबैर अहमद ने लोगों से दीन के रास्ते पर चलने की अपील की। शायर मोहम्मद शाहिद रजा बहराइच, मोहम्मद साजिद बरेलवी, दानिश रजा, सद्दाम रजा ने नातियां कलाम सुनाया। सज्जादा नशीन हाजी मोहम्मद स्वालेह उर्फ शद्दन मियां ने कौम व मुल्क की खुशहाली व सलामती के लिए दुआ की। इस दौरान कारी सुहेल रजा अमजदी के किताब ‘‘शाविस्ताने लियाकती’’ का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में मौलाना लियाकत हुसैन का जीवन परिचय व रचनाएं संग्रहीत है। इस मौके पर सैयद इफ्तिखार मुन्नन मियां, इकबाल हुसैन उर्फ फूल मियां, मोहम्मद अकरम सलीम, मतलूब अली, निजामुद्दीन, इदरीस रजा, मौलाना मसूद, हाजी जुबैर, रहीस कुरैशी, रेहान अरशद, मौलाना अलीमुद्दीन, हाजी दुलारे सहित बडी संख्या में लोगों ने मजार पर चादरपोशी की। उर्स के दौरान देर रात जलसा हुआ, जिसमें मुफ्ती मोहम्मद सुलतान रजा नूरी ने तकरीर की और लोगों से नेक बनकर एक मिसाली जिंदगी गुजारने का आह्वान किया। अंत में सज्जादानशीन शद्दन मियां ने सभी का शुक्रिया अदा किया।