सेल्फ सर्वे में मिली गलत आवेदनों की जानकारी
जनपद में 80 हजार लोगों ने सेल्फ सर्वे करके आवेदनों को संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया था। सर्वे में मकान के फोटो अपलोड करके डालने थे। अधिकतर फोटो में पक्के निर्माण दिखाई दिए। इसके आधार पर एआई ने सत्यापन किया। इसमें 80 हजार लोग अपात्र पाए गए। बाकी बचे 60 हजार आवासों के लिए विभाग की ओर से बीडीओ और सचिव के माध्यम से सर्वे कराया गया। इसके बाद डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया। शासन के निर्देश पर अब आवासों की स्वीकृति दी जाएगी।
डीआरडीए के परियोजना निदेशक अवधेश राम ने बताया कि पहली बार एआई तकनीक का इस्तेमाल करके आवासों का सत्यापन कराया गया है। इसमें 1.40 लाख आवेदनकर्ताओं में 80 हजार अपात्र पाए गए। 60 हजार लोगों का डाटा शासन के पोर्टल पर अपलोड किया गया है।