प्रधानों ने कुपोषण मिटाने और स्वच्छता का किया संकल्प
डीएम विजय किरन आनंद ने कहा है कि यदि ग्राम प्रधान ठान लें तो गांवों में कोई बच्चा कुपोषण का शिकार नहीं होगा और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी पैदा होगी। वह रविवार को भावलखेड़ा ब्लॉक कार्यालय में आयोजित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, आशा वर्कर, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में मौजूद ग्राम प्रधानों ने डीएम से प्रेरित होकर अपनी ग्राम पंचायतों में कुपोषण मिटाने और खुले में शौच के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प किया।
डीएम आनंद ने कहा कि यदि ग्राम प्रधान समेत गांव स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी ठान लें तो कोई बच्चा कुपोषित नहीं रहेगा और खुले में शौच जाने की ग्रामीणों की आदत छूट जाएगी। प्रधान यह कतई न सोचें कि वे प्रशासन से अलग हैं। सच तो यह है कि गांव का विकास उनके सहयोग के बगैर संभव नहीं है। ग्राम प्रधान वोट और समर्थकों की सोच से ऊपर उठकर गांव में सभी की भलाई के लिए काम करके आदर्श प्रस्तुत करें।
डीएम ने कहा कि यदि गांव का आंगनबाड़ी केंद्र भवन जर्जर हो गया है तो 15-20 हजार रुपये लगाकर उसे ठीक करा दें और बच्चों के लिए खिलौने आदि खरीदें। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को चेतावनी दी कि यदि बच्चों और गर्भवती महिलाओें को पुष्टाहार वितरित करने के बजाय उसे बाजार में बेचने की शिकायत मिली तो उनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी।
डीएम आनंद ने कहा कि पिछले वजन दिवस पर जो बच्चे आयु के हिसाब से कम वजन के मिले थे, वे सभी जुलाई तक पूरे वजन के होने चाहिए। उस दौरान जांच में कोई बच्चा कुपोषित पाए जाने पर संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। इससे पूर्व, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने कुपोषण दूर करने में कार्यशाला की अहमियत बताई। भावलखेड़ा के प्रभारी डॉक्टर ने टीकाकरण की प्रक्रिया समझाई। अंत में खंड विकास अधिकारी प्रीति वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।