जैतीपुर (शाहजहांपुर)। जैतीपुर इलाके के अमईपुर गांव में कब्रिस्तान के रास्ते को लेकर शुक्रवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इससे घंटों हंगामे की स्थिति बनी रही। विवाद के चलते एक वृद्धा की लाश करीब आठ घंटे घर में रखी रह गई। सूचना मिलने पर पहुंचे नायब तहसीलदार और लेखपाल ने रास्ता नापने के बाद घूरा हटवाया जिसके बाद शाम चार बजे महिला को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही जिससे पुलिस तैनात रही।
अमईपुर गांव की आबादी 12 सौ के करीब होगी। इनमें दो अलग अलग समुदाय लगभग बराबर आबादी के अनुपात में रहते हैं। गांव से करीब सौ मीटर दूर कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान और गांव के बीच खाली पड़ी ग्राम समाज की भूमि पर ग्रामीणों ने अपने खाद के ढेर (घूरे) बना रखे हैं। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अमईपुर निवासी मुख्त्यार की पत्नी 75 वर्षीय नजरीन का इंतकाल हो गया। उनका जनाजा ले जाने के लिए परिजन ग्राम समाज की जमीन पर पड़े घूरे हटाने को कहने लगे जिसके लिए दूसरे पक्ष के लोगों ने मना कर दिया। इसे लेकर कहासुनी हुई तो दोनों तरफ के लोगों की भीड़ जमा हो गई। इससे हंगामा होने लगा। इसका पता लगने पर ग्राम प्रधान भीकम सिंह ने हंगामे की सूचना अधिकारियों को दे दी। इस पर नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, लेखपाल दिनेश कुमार और एसओ दिलीप कुमार सिंह मौके पर जा पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन दोनों पक्ष अपनी जिद पर अड़े रहे। दूसरे पक्ष के लोगों का आरोप था कि गांव के पास बने देवस्थान के पास भी घूरे पड़े हैं, उन्हें भी हटाया जाए।
लेखपाल के नाप करने पर पता चला कि ग्रामीणों के घूरे खलिहान की भूमि पर डाले जा रहे हैं। राजस्व नक्शा में कब्रिस्तान जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। वहीं के लियाकत अली, सूबेदार, अब्दुल रहमान, साकिर अली ने बताया कि 20 दिन पूर्व गांव की एक महिला की मृत्यु हुई थी। उसे भी कब्रिस्तान में दफनाया गया था। उस वक्त खेत खाली पड़े थे जिससे कोई दिक्कत नहीं हुई थी। अब खेतों में फसलें खड़ी हैं जिससे जनाजा ले जाने के लिए घूरे को हटाया जाना चाहिए। वहीं, दूसरे पक्ष के लोग देवस्थान से घूरे हटाने की मांग कर रहे थे। इसी खींचतान को लेकर घंटों बातचीत चलती रही। आखिर में कब्रिस्तान के रास्ते और देवस्थान से घूरे हटाए जाने पर सहमति बनी। समझौते के बाद जनाजा ले जाने वाले रास्ते को घूरे हटवाकर साफ करा दिया गया। शाम करीब चार नजरीन का जनाजा कब्रिस्तान ले जाया गया। यहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मौके पर जांच की गई है। कब्रिस्तान जाने के लिए रास्ता नक्शे में नहीं है। खलिहान की भूमि पर दोनों समाज के घूरे पड़े हैं। इन्हें खाली कराने के निर्देश दिए गए। फिलहाल गांव में शांति है।
-ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार
सुबह एक पक्ष के लोग मेरे पास आए थे। ग्राम समाज की भूमि पर लोगों के घूरे पड़े हैं। पिछले कई वर्षों से ग्राम समाज की जमीन की नाप नहीं हुई थी। इसलिए अधिकारियों को सूचना दे दी गई। - भीकम सिंह, ग्राम प्रधान