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एंबुलेंस में नहीं मुहैया कराई गई पीपीई किट, गुस्से में चालक-ईएमटी ने किया हंगामा

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शाहजहांपुर। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और एंबुलेंस स्टाफ के बीच चली आ रही तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को एक बार फिर दोनों आमने सामने आ गए। एंबुलेंस चालक और ईएमटी ने कोरोना वायरस की आशंका में लाए जा रहे मरीजों से संक्रमण के बचाव को सुरक्षा किट उपलब्ध न कराने का आरोप लगाते हुए आइसोलेशन वार्ड के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान चालकों ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य पर अभद्रता करने और एंबुलेंस अस्पताल गेट के बाहर खदेड़ने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में डॉक्टरों ने समझाकर चालकों को शांत कराया। चालकों ने प्राचार्य के खिलाफ एक ज्ञापन चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया है।
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कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए जहां आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं एंबुलेंस चालकों को एहतियात बरतते हुए पीपीई किट पहनने और सैनिटाइजेशन के निर्देश दिए गए। एंबुलेंस चालकों और ईएमटी को डॉक्टरों ने प्रशिक्षित भी किया, ताकि कोरोना संदिग्ध को लाने और ले जाने के दौरान वे सुरक्षित रहें। मगर प्रशिक्षण के बाद भी पीपीई किट नहीं मुहैया कराने पर चालकों और ईएमटी का गुस्सा भड़क गया। मंगलवार को जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड के बाहर तमाम चालकों और ईएमटी ने इकट्ठे होकर हंगामा शुरू कर दिया। चालकों का कहना था कि उन्हें न तो पीपीई किट दी गई और न ही सैनिटाइजर दिया गया है। आरोप लगाया कि इस दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभय सिन्हा आ गए और उन्होंने एंबुलेंस अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी करने की बात करते हुए खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। इससे चालकों का और भी गुस्सा भड़क गया। तीखी नोकझोंक के बाद प्राचार्य ने एंबुलेंसों को बाहर निकलवा दिया। इस पर चालकों ने गेट पर भी हंगामा किया। बाद में एंबुलेंस चालकों ने प्राचार्य पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय को प्रेषित किया। प्रदर्शन करने वालों में मोहित शुक्ला, मनोज पटेल, रोहित, अखिलेश, संदीप, सीमा, रीना, निर्मला, भुवनेश आदि शामिल हैं।
कॉलेज परिसर में सरकारी एंबुलेंस खड़ी होने के चलते मरीजों के वाहन निकलने के लिए जगह नहीं मिल पाती है। इसी वजह से एंबुलेंस बाहर खड़ी करा दी गई हैं। एंबुलेंस चालकों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
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- डॉ. पूजा त्रिपाठी पांडेय, मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता
कोरोना वायरस के संभावित मरीज को लाने-ले जाने के लिए एक एंबुलेंस को रखा गया है। उसे पीपीईकिट दी गई है। सभी लोगों को नहीं दी जाएगी, जो काम करेगा, उसी को मिलेगी। - डॉ. एयूपी सिंह, नोडल अधिकारी कोरोना वार्ड
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