गरीबी से परेशान एक विकलांग शिक्षिका ने शारदा नहर में कूद कर जान देने का प्रयास किया। उसे बचाकर परिवार के लोगों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार किया है।
पीलीभीत के कसबा बिलसंडा के मोहल्ला हाथीखाना निवासी नरेश जायसवाल की मृत्यु हो चुकी है। आय का कोई साधन नहीं होने के कारण उनकी उनकी विकलांग पुत्री 22 वर्षीय अंजू जायसवाल पर अपना और मां पुष्पा देवी के भरण पोषण का भार आ पड़ा। एमए तक शिक्षित अंजू एक निजी स्कूल में शिक्षण कार्य कर अपना और मां का गुजारा करने लगी, लेकिन महंगाई के दौर में स्कूल से कम रुपए मिलने के कारण गुजारे में समस्या खड़ी हो गई, इससे अंजू परेशान रहने लगी। सोमवार को अंजू गांव मकसूदापुर स्थित शारदा नहर पुल पर पहुंची और नहर में छलांग लगा दी। पुल के पास फड़ डालकर गल्ला खरीदने वाले बंडा के राजीव ने अंजू को नहर में कूदते देखा तो शोर मचाने के साथ ही अंजू को बचाया।
युवती के नहर में कूदने की जानकारी पाकर मौके पर लोगों की भारी भीड़ लग गई। अंजू ने बताया कि गरीबी के कारण उसने नहर में कूदकर जान देने की कोशिश की। उसके अनुसार गरीबी के कारण रिश्तेदार और खानदान के लोग उसकी मदद नहीं करते हैं, जिससे वह परेशान है। लोगों ने मामले की जानकारी अंजू की मां को दी तो वह अपने रिश्ते के भतीजे आदि को लेकर मौके पर पहुंची। लोगों ने अंजू को समझा बुझाकर परिवार के लोगों के साथ भेज दिया।