शाहजहांपुर। निर्माणाधीन लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढों के कारण लोगों का निकलना काफी जोखिम भरा है। महिला थाने से लेकर लगभग डेढ़-दो किलोमीटर के दायरे में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। जगह-जगह सड़क टूटी होने से हादसे की आशंका रहती है। यहां दिन-रात भारी वाहन गुजरते हैं। गड्ढों से बचने के प्रयास में कई बार वाहन हादसे का शिकार हो जाते हैं।
सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लाख दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक गड्ढों की वजह से सड़कों पर राहगीरों का चलना मुश्किल है। शहर में पुवायां रोड पर महिला थाना से लेकर कैंट चौकी के बीच काफी गड्ढे हैं। इनकी वजह से राहगीरों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते।
यह सड़क काफी व्यस्त है। रोजाना हजारों लोग इस पर सफर करते हैं। हाईवे निर्माणाधीन होने के कारण गड्ढों को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
दो साल से नहीं हुई सड़क की मरम्मत
लखनऊ-पलिया हाईवे का निर्माण करीब दो वर्षों से चल रहा है। इसका निर्माण शुरू होने के बाद सड़क की मरम्मत का कार्य बंद कर दिया गया। महिला थाने से लेकर नियामतपुर मोड़ तक दर्जनों गड्ढे हैं। इसकी वजह से राहगीर सही से वाहन नहीं चला पाते हैं। रात में दो पहिया वाहन चालकों के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। निर्माण कंपनी एनएचएआई के अधिकारी कई बार गड्ढों की मरम्मत कराने का दावा कर चुके है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए काफी खतरा
हाईवे से कई स्कूलों के बच्चे साइकिल आदि से स्कूल आते-जाते हैं। वहीं, बुजुर्गों का भी आना-जाना लगा रहता है। अक्सर स्कूली बच्चे और बुजुर्ग गड्ढों को बचने के प्रयास में घायल हो जाते हैं। कई बार तो ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट जाते हैं, जिससे सवारियां घायल हो जाती हैं।
लोगों की दर्द
पुवायां रोड पर गड्ढों की वजह से वाहन लेकर चलना काफी मुश्किल है। कई बार गड्ढों से बाइक बचाने के चक्कर में चोटिल हो चुके हैं। संबंधित अधिकारी आम लोगों की समस्या को नहीं समझ रहे हैं।
- विजय यादव, दिलाजाक कैंट
हाईवे का निर्माण कार्य चल रहा है। इसकी वजह से काफी दिनों से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। इसकी वजह से सड़क पर गड्ढे अधिक हो गए है। इस पर राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है।
- आशीष शुक्ला, चिनौर
हाईवे से बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजरते हैं। बाइक चालक गड्ढे बचाने का प्रयास करते हैं तो बस-ट्रक की चपेट में आने की आशंका रहती है। इसके बाद भी गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। ये लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं।
- सागर गुप्ता, बाडूजई
बारिश होने पर सड़क का गड्ढा पता नहीं चलता है। अचानक पहिया गड्ढे में जाने पर बाइक असंतुलित होने का खतरा रहता है। पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। संबंधित विभाग को सड़क की मरम्मत करानी चाहिए।
- दयान खान, लाल इमली चौराहा
लखनऊ-पलिया हाईवे निर्माणाधीन है। टीम को भेजकर सर्वे कराकर गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी जिससे राहगीरों को दिक्कत नहीं हो।
- सौरभ चौरसिया, पीडी, एनएचएआई
विजय यादव, दिलाजाक कैंट- फोटो : mathura