सब्जी विक्रेता सब्जी की बिक्री करते हुए। संवाद
शाहजहांपुर। होली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में पापड़ और चिप्स बनाने के लिए आलू की मांग बढ़ने लगी है, जिसके चलते आलू के दामों में इजाफा होने लगा है। पहले आलू 50 रुपये में पांच किलो बिक रहा था, लेकिन अब इतने रुपये में सिर्फ तीन किलो ही आलू मिल रहे हैं। इसका एक कारण सहालग भी माना जा रहा है। आलू, मटर, टमाटर के भाव बढ़े हैं। हालांकि, लहसुन के दाम कुछ कम हुए हैं।
सर्दियों के सीजन में सब्जी की भरमार रहती है। उत्पादन अधिक होने की वजह से सब्जियों के भाव में गिरावट आ जाती है। मौसम बदलने के साथ ही सब्जी के उत्पादन में कमी होने से बाजार में आवक कम हो जाती है, जिसका असर सब्जी के भाव पर पड़ता है। वर्तमान में सहालग सीजन की वजह से सब्जियों के दामों में इजाफा देखने को मिल रहा है। सब्जी विक्रेता राम सिंह ने बताया कि पहले की अपेक्षा सब्जियों के भावों में वृद्धि हो रही है। इसकी वजह से सब्जी महंगी होगी है। ग्राहक ने भी पहले से कम मात्रा में सब्जियां लेना शरू कर दिया है।
सब्जियों के भाव (प्रति किलोेे में)
सब्जी 15 दिन पहले के भाव वर्तमान भाव
लहसुन 350 320
आलू 10 15
टमाटर 30 40
मटर 30 50
फूल गोभी 20 30
पत्ता गोभी 20 30
पहले की अपेक्षा आवक हुई कम
रोजा मंडी के सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी ने बताया कि मौसम बदलने के साथ ही सब्जियों के उत्पादन में कमी आई है, जिसकी वजह से पहले की अपेक्षा सीजन की सब्जियों की आवक कम हुई है, क्योंकि आलू पक गया है। किसान आलू को कोल्ड स्टोर में भेज रहे हैं। इस कारण आलू के दाम बढ़ रहे हैं।