अल्हागंज। उप डाकघर में बचत व निवेश की अन्य योजनाओं के खातेदारों की लाखों की जमा-पूंजी का घोटाला किए जाने के मामले की जांच में आरोपी पोस्टमैन समेत पूर्व और निवर्तमान उप डाकपाल को दोषी पाया गया है। मामले की जांच कर रहे डाक निरीक्षक अमर पाल ने डाकघर से जुड़े करीब 12 लोगों के बयान कलमबंद करने के बाद शुक्रवार को थाने में तीनों विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी है।
जमाकर्ताओं का आरोप है कि गत दो-तीन वर्ष से तत्कालीन उप डाकपाल आरोपी पोस्टमैन को उनसे नकद धनराशि दिलाकर उसकी फर्जी जमा रसीदें दिलाते रहे। बाद में पोस्टमैन से यही काम घोटाला उजागर होने पर हटाए गए निवर्तमान उप डाकपाल के कार्यकाल में भी होता रहा। इसीलिए जांच अधिकारी ने इन तीनों कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उन्हें जांच के केंद्र में रखा। जांच के दौरान इन कर्मचारियों के खिलाफ घोटाला में लिप्त होने के कुछ साक्ष्य भी मिले। इसीलिए उन पर अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की गई है।
पुलिस को दी गई तहरीर में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, जमा धन फर्जी निकासी, दस्तावेजों की कूटरचना और विभागीय धन के गबन के आरोप शामिल हैं। तहरीर के मुताबिक डाक कर्मियों ने योजनाबद्ध ढंग से वर्षों तक खातेदारों की जमा राशि में गोलमाल किया। अनेक खातों में खाताधारकों की जानकारी के बगैर निकासी की गई और डाकघर के रिकॉर्ड में हेरफेर कर उसे वैध दर्शाने का प्रयास किया गया।
बयान देने वालों ने भी डाककर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। थाना प्रभारी ओमप्रकाश के अनुसार मामले में विभागीय जांच के आधार पर तहरीर मिल गई है। अब पुलिस की जांच पूरी होने पर रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक स्तर की जांच में संलिप्तता पाई गई है, जिसके आधार पर पुलिस में तहरीर दी गई है। विभागीय रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
-अमर पाल सिंह, डाक निरीक्षक/जांच अधिकारी