पुवायां (शाहजहांपुर)। करीब सप्ताह भर पहले गांव गंगसरा की गिरेशवती ने अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए पुवायां में धरना दिया था। पुलिस ने जबरन गिरेशवती को हटाने की कोशिश भी की थी। कई दिन धरना देने के बाद गिरेशवती को अपनी जमीन मिली थी। शनिवार को खुटार इलाके के रामपुर कलां गांव की शांति देवी ने पुवायां में धरना दिया। आरोप है कि नायब तहसीलदार की मिलीभगत से उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। धरना देने के बाद तहसीलदार ने मौके पर जाकर शांति देवी की जमीन से अवैध कब्जा हटवाया।
खुटार ब्लॉक के गांव रामपुर कलां निवासी शांति देवी (60) पत्नी बाबूराम ने बताया कि उनके पति के नाम दो एकड़ जमीन का पट्टा किया गया था। गरीबी के चलते पुत्री की शादी में डेढ़ एकड़ जमीन बेचनी पड़ गई। उनके पास मात्र तीन बीघा जमीन बची। उस पर वह पिछले 25 वर्षों से काबिज है। करीब दो माह पूर्व उनकी जमीन पर गांव के एक व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर लिया था। कई बार कहने पर भी आरोपी ने जमीन नहीं छोड़ी तो शांति देवी ने पुवायां जाकर एसडीएम से शिकायत की। इसके बाद उसने एसडीएम दफ्तर के कई चक्कर लगाए। कहीं तब जाकर 15 दिन पहले नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचे थे, जो विरोधी पक्ष का कब्जा सही बताकर बैरंग हो गए।
एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगाकर शांति देवी परेशान हो चुकी थीं। उसने तीन दिसंबर को एसडीएम को दिए पत्र में अवैध कब्जा न हटने पर परिवार सहित अनशन पर बैठने की चेतावनी दी थी। आरोप है कि अवैध कब्जा हटवाने के बजाय राजस्व कर्मी जमीन जिसके कब्जे में है उसी के पास रहने देने को दबाव बनाने लगे। इसके लिए जमीन को ठेके पर देने का लालच दिया गया। इसके लिए वह राजी नहीं हुई। शनिवार सुबह शांति देवी अपने पुत्र रामाधीन और पौत्री निशा के साथ पुराने एसडीएम कार्यालय के पास जाकर धरने पर बैठ गईं। इसका पता लगने पर तहसील प्रशासन में खलबली मच गई। दोपहर में तहसीलदार तृप्ति गुप्ता, कानूनगो रूपेश कुमार, लेखपाल वेदराम आदि मौके पर पहुंचे और पैमाइश कर शांति देवी की जमीन से अवैध कब्जा हटवा दिया। जमीन मिलने पर शांति देवी ने धरना समाप्त कर दिया।
शांति देवी को उनकी जमीन पर कब्जा दिला दिया गया है। मौके पर मेड़ भी डलवा दी गई। अब कोई विवाद नहीं है।
सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां
15 दिन पहले मैं मौके पर गया था, लेकिन जमीन की नाप नहीं कराई थी। महिला का आरोप निराधार है। आज तहसीलदार मौके पर गईं थीं। महिला की समस्या का समाधान करा दिया गया है।
- भानुप्रताप, नायब तहसीलदार