पूरी रात तलाश की, टूटी चूड़ी देखकर हुआ संदेह
सुशीला के घर से निकलने के बाद उसकी तलाश परिजन पूरी रात करते रहे। शुक्रवार सुबह सूचना मिलने पर घटनास्थल पर जाकर देखा तो टूटी चूड़ी को देखकर संदेह हुआ। इसके बाद वह मोर्चरी पहुंचे और शव की पहचान की। सुशीला का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बेटा राजेश कार्यक्रम में ढोलक बजाता था। कमाई का कोई जरिया नहीं था।