रामगंगा के मंझाघाट पर पांटून पुल न होने से क्षेत्रीय जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों को नाव के सहारे ही मंझाघाट को पार करना मजबूरी बन गया है। पांटून पुल बन जाने से ग्रामीणों को काफी सहूलियतें मिल जाएंगी। क्षेत्रवासियों ने इस बाबत कई बार जनप्रतिनिधियों से मंझाघाट पर पांटून पुल बनवाने की मांग की, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
बता दें कि परौर क्षेत्र अति पिछड़ा क्षेत्र है। रामगंगा के पार जाने का रास्ता न होने के कारण लोगों को मिर्जापुर जलालाबाद होते हुए शाहजहांपुर जाना पड़ता है, जबकि यदि परौर के मंझाघाट पर पुल का निर्माण करा दिया जाए तो यहां के लोगों को जरूरी कार्यों के लिए जनपद मुख्यालय जाने के लिए कलान मिर्जापुर के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। यहां से सीधे मदनापुर और वहां से सीधे जलालाबाद शाहजहांपुर के लिए रास्ता निकलता है जो काफी सीधा है।
क्षेत्रवासियों को कटरी के ऊबड़-खाबड़ और झाड़ी वाले रास्ते से होकर गुजरना पड़ता था। इसी रास्ते पर कल्लू, नरेश के गिरोह मिलते थे। इस रास्ते से जाने के लिए आदमी डरता था, क्योंकि इस रास्ते से जाने में लूट और अपहरण हो जाते थे। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र पाल सिंह, कृष्णपाल सिंह राठौर, धीरपाल सिंह, ऋषिपाल सिंह, राकेश गुप्ता, नीरज सिंह, राजेश सिंह, मदनपाल सिंह, राजपाल सिंह, राजीव सिंह गुर्जर, बिजेंद्र सिंह गुर्जर ने रामगंगा पर मंझा के पास पैंटून पुल बनवाए जाने की मांग की है।
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काश्तकारों की मांग
यदि रामगंगा के मंझा घाट पर पांटून पुल का निर्माण हो जाये तो आवागमन और खेती काश्तकारी की सभी समस्याओं का समाधान हो जायेगा। - सुखपाल सिंह गुर्जर, क्षेत्रवासी
रामगंगा के पार आने जाने की समस्या है। पांटून पुल का निर्माण हो जाने से घर के काम होते रहेंगे तथा कटरी में खेती भी हो जाएगी। - राजीव सिंह चौहान, क्षेत्रवासी
रामगंगा पर पांटून पुल की बहुत बड़ी आवश्यकता है। पुल का निर्माण यदि हो जाता है तो करीब 20 गांव की जनता के लिए राम राज्य आ जायेगा। - धनपाल सिंह कश्यप, क्षेत्रवासी
नाव पर यदि चढ़ने उतरने में देर हो जाय तो जंगली जानवर फसल नष्ट कर देते हैं। यदि पांटून पुल का निर्माण हो जाता है तो काश्तकारों की देर-सबेर आने की दिक्कत दूर हो जायेगाी। - कल्लू खां, क्षेत्रवासी