पुवायां। गांव हर्रैया में 14 सितंबर की रात नौ बजे लूटपाट के आरोपी को पकड़ने के दौरान पुलिसकर्मियों से हुई मारपीट की रिपोर्ट 27 घंटे बाद दर्ज हो सकी है। मामले में आठ नामजद और दस अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि लूटपाट का आरोपी भी मौके से भाग गया था।
11 जुलाई को गांव मदनापुर हर्रैया में नूदी बेगम के कानों के कुंडल नोच लिए गए थे। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने 15 जुलाई को घटना का खुलासा करते हुए बताया था कि गांव के ही पप्ली और राकेश ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। पप्ली को जेल भेजा गया था, राकेश फरार चल रहा है। अंडर ट्रेनिंग दरोगा सचिन कुमार और चार सिपाही 14 सितंबर की रात राकेश को पकड़ने गए थे। राकेश को दबोच लिया गया लेकिन इस दौरान घर की महिलाओं और पुलिस के बीच मारपीट, हंगामा होने पर राकेश मौके से भाग निकला था। घटना के बाद थाने से फोर्स भेजने की जरूरत नहीं समझी गई। पुलिस ने मामले की सूचना अधिकारियों को भी नहीं दी थी। 15 सितंबर की शाम मीडिया ने अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया तब घटना दबाने की पुलिस को कोशिश नाकाम हो गई और दरोगा सचिन कुमार की ओर से 27 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
दरोगा सचिन कुमार ने दर्ज रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने 14 सितंबर की रात साढ़े नौ बजे गांव हर्रैया में दबिश देकर राकेश को पकड़ा तो परिवार और आसपास की महिलाएं राकेश की पत्नी रेनू देवी, मां विद्यावती, कश्मीरा, रेशम, प्रीतम, आशा, रमेश, योगेंद्र और दस अन्य ने दबिश का विरोध किया और शोर मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने लोगों को राकेश पर रिपोर्ट दर्ज होने के कारण गिरफ्तार करने की बात कही तो आरोपियों ने पुलिस से हाथापाई की और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए हमला कर दिया। इसका फायदा उठाकर राकेश भाग निकला। मौके पर मौजूद आरोपी लगातार पुलिस दबिश का विरोध करते रहे। पुलिस ने आठ नामजद और नौ-दस अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दरोगा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
पंकज पंत, सीओ पुवायां