शाहजहांपुर। सराफा व्यापारी सुंदरम क्षत्रिय से दो लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपी दो सिपाहियों की लोकेशन बदल गई है। पुलिस की टीमें दिल्ली से हरियाणा व राजस्थान भी गई हैं। वहीं, एसओजी ने दिल्ली में ही डेरा डाल रखा है। साथ ही एक टीम मेरठ मंडल में आरोपियों के घर व रिश्तेदारियों में उनका पता लगा रही है। दोस्तों से भी जानकारी की जा रही है।
तिलहर थाने के सिपाही अरुण चित्तौड़िया, पंकज, तुषार और वीरेंद्र पर आरोप है कि चार सितंबर की रात मोहल्ला कनूनगोयान निवासी सराफा व्यापारी सुंदरम की बाइक में मादक पदार्थ रखकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद उसे बिरियागंज चौकी ले जाकर प्रताड़ित कर उसके परिवार से दो लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया।
छह सितंबर को एसपी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। साथ ही दो सिपाहियों पंकज और वीरेंद्र को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भिज दिया गया। बृहस्पतिवार को कॉल करने और साजिश रचने में अनमोल, सचिन राठौर और आयुष पांडेय को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया, लेकिन आरोपी सिपाही अरुण चित्तौड़िया व तुषार पुलिस की पकड़ से दूर हैं। साथ ही मादक पदार्थ का भी पता नहीं चला सका है।
उधर, सिपाहियों की तलाश में दिल्ली गई एसओजी व एक अन्य टीम ने वहां डेरा डाल रखा है। बताया जा रहा है कि लोकेशन मिलने पर एक टीम दिल्ली से हरियाणा भेजी गई है। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही हैं।
फरार सिपाही अरुण। स्रोत: पुलिस