साइबर पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। स्रोत: मीडिया सेल
शाहजहांपुर। डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ की साइबर ठगी करने वाले आरोपी मनीष खुर्मी को शाहजहांपुर की एसआईटी ने लुधियाना जाकर उसके मकान से गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। वहां से न्यायिक अभिरक्षा में आरोपी को जेल भेज दिया गया। आरोपी ने कक्षा 12 तक पढ़ाई की है।
चार जून को चौक कोतवाली के मोहल्ला दीवान जोगराज के शरदचंद ने साइबर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 6 से 15 मई तक साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर उनके दो एकाउंट से एक करोड़ चार लाख 47 हजार 130 रुपये की ठगी की। ठग ने फोन पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन ऑफ इंडिया के अधिकारी फिर जज बनकर ठगी की।
एसपी राजेश द्विवेदी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठगी के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की। मंगलवार को एसआईटी आरोपी मनीष खुर्मी निवासी मकान नंबर 1205 अ, औमेक्स सिटी लुधियाना, थाना सदर, पंजाब को उसके मकान से पकड़ लाई।
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि ठग वित्तीय तकनीक प्लेटफॉर्म्स जैसे मोबाइल वॉलेट, यूपीआई ऐप्स, डिजिटल लोन सेवाओं आदि का दुरुपयोग करते हैं। साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
नौ लेयर में 40 बैंक खातों में धनराशि की गई ट्रांसफर
विवेचना के दौरान पता चला कि व्हाट्सअप पर विभिन्न एजेंसियों (मिनिस्ट्री आफ फाइनेंस डिपार्टमेंट, ईडी, सीबीआई व कथित न्यायालय के जज) के अधिकारी का पद धारण कर वादी को वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट किया गया। इसके बाद ठगों ने जमानत व सारे लगाए गए आरोपों से बरी करने के नाम पर चार खातों में 01 करोड़ 04 लाख 47 हजार 130 रुपये ट्रांसफर कराए। धनराशि को फिनटेक फ्रॉड टीम ने 9 लेयर में 40 बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया। इसमें हाई लिमिट के करंट एवं कॉर्पोरेट अकाउंट्स को म्यूल अकाउंट के तौर पर प्रयोग किया गया।