किसानों की समस्याओं को लेकर सोमवार को बसपा नेता मुखर हुए। जीआईसी मैदान में धरना-प्रदर्शन कर सरकार को खूब कोसा।
प्रदर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जोन को-आर्डिनेटर दिनेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण बिल के माध्यम से किसानों की जमीन जबरदस्ती पूंजीपतियों को देना चाहती है। बिल का पुरजोर विरोध बहनजी ने राज्यसभा में किया। जबकि प्रदेश सरकार बेमौसम हुई बरसात से बर्बाद हुए किसानों को मुआवजा देने में हीला-हवाली कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और केंद्र सरकार किसान, पिछड़ों और दलित ही नहीं सर्व समाज विरोधी है। गांव-गलियारों तक कानून व्यवस्था ध्वस्त है और आमजनता त्राहि-त्राहि कर रही है।
विधायक नीरज मौर्य ने कहा कि बेमौसम बरसात से किसान आत्महत्या करने को मजबूर है और प्रदेश सरकार को उनका दुख-दर्द दिखाई ही नहीं दे रहा। विधायक रोशन लाल वर्मा ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सत्ता में बैठे लोग यह न भूलें कि गांव का गरीब किसान कुछ नहीं कर सकता। सत्ता पक्ष के लोग गुरुर न करें। गरीबों की हाय से राजपाट छिन जाते हैं। इसलिए किसानों को उनका हक मिलना चाहिए। इस अवसर पर मंडल कोआर्डिनेटर खेमकरन लाल गौतम, जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह, रामलड़ैते कनौजिया, जदुवीर गौतम, राजीव कश्यप, फैजान अली खां, रिजवान अली, पूर्व एडीजी गुरवचन लाल, महेश सागर, संजीव राठौर, अरुण सागर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष बहादुर लाल आजाद, राजू बग्गा, डॉ. भरत पटेल, जितेंद्र नाथ तिवारी, साध्वी सीमा वर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
महेश सागर और रामरक्षपाल के संचालन में हुए कार्यक्रम में अजय सागर, शिशुपाल गौतम, अरुण सिंह, मुकेश दीक्षित, सुशांत कुशवाहा, रवींद्र सिंह, जैनेंद्र गौतम, नरेंद्र गौतम, नवी उल्ला खां, सुषमा कश्यप, लज्जावती, आशीष वर्मा, ईश्वर चंद्र गौतम, राम कुमार मौर्य श्यामपाल शाक्य समेत बड़ी संख्या में बसपाई मौजूद रहे।