भाद्रपद पूर्णिमा (पितृ आगमन पूर्णिमा)पर शुक्रवार को ढाईघाट गंगातट पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा मइया में डुबकी लगाकर अपने पितरों को तर्पण करते हुए जलदान किया। इस अवसर पर गंगातट पर मेला लगा।
भोर की किरण फूटने से पहले हजारों श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से ढाईघाट गंगातट पर पहुंचे। श्रद्धालुओं का सुबह से हर हर गंगे के उद्घोष के साथ शुरू हुआ गंगा स्नान का क्रम अपरान्ह दो बजे तक चलता रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगास्नान कर गंगा पुरोहितों के मंत्रों पर अपने पूर्वजों को जलदान किया। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों को तृप्त कर आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनकी पसंद के भोज्य पदार्थ, अन्न, वस्त्र और नगद मुद्रा गंगा पुरोहितों को दान किया।
बता दें कि ढाईघाट गंगातट पर प्रत्येक माह की अमावस्या तथा पूर्णिमा पर गंगास्नान करने वाले श्रद्धालुओं का मेला लगता है। जलालाबाद से ढाईघाट गंगातट तक पक्का रोड बन जाने से मेले में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।