खुृटार के तिकुनिया से गोला रोड के किनारे लगा कूड़े का ढेर। संवाद
खुटार। नगर पंचायत की ओर से एमआरएफ प्लांट का संचालन होने के बाद भी हाईवे और अन्य मार्गों के किनारे लगे कूड़े के ढेर सवाल खड़े कर रहे हैं। सफाई पर जोर देने वाले अधिकारी भी हादसों और बीमारी फैलने का कारण बन रहे कूड़े के ढेर हटाने पर ध्यान नहीं देते हैं।
नगर पंचायत में 63 सफाईकर्मी कार्यरत हैं। सफाईकर्मियों की ड्यूटी रोजाना सफाई के साथ ही कूड़े को वाहनों से एमआरएफ प्लांट तक ले जाने की भी है। कूड़ा उठाने के लिए छह ई-रिक्शा, चार टेंपो और तीन ट्रैक्टर ट्राॅली लगे हैं। इसके बाद भी कूड़े को इधर-उधर फेंका जा रहा है। हाईवे किनारे और अन्य सड़कों के आसपास कूड़ा डाले जाने से कुत्ते, सुअर और छुट्टा पशु कूड़े काे फैलाते रहते हैं। जानवरों के सड़क पर आने और वाहनों पर कूड़ा उड़कर आने से हादसे की आशंका रहती है। कूड़े से दुर्गंध भी उठती है और बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है।
खुटार-गोला हाईवे, गोला रोड पर श्मशान घाट के पास, जुड़ी सड़कों के पास और तिकुनियां-गोला रोड पर कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। खुटार के रामचंद्र, विजय कुमार, राजेश, जयराम, हरिश्चंद्र सहित कई लोगों ने बताया कि कूड़े के ढेरों के कारण रोड से निकलते समय भयंकर दुर्गंध का सामना करना पड़ता है।
एमआरएफ प्लांट होने के बाद भी कूड़े को इधर-उधर डाला जाना सवाल खड़े कर रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष मैना देवी ने बताया कि सारा कूड़ा प्लांट में जाता है। कूड़ा इधर-उधर नहीं डाला जाता। अगर कोई कूड़ा डालता है तो जांच कराई जाएगी।