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फार्मासिस्टों ने ओपीडी कार्य बहिष्कार कर किया प्रदर्शन

Thu, 11 Jan 2018 06:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,शाहजहांपुर
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जिला महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक रस्तोगी के खिलाफ लामबंद फार्मासिस्टों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को ओपीडी का कार्य बहिष्कार कर दिया। इस दौरान महिला सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। दोपहर एक बजे सीडीओ की अध्यक्षता में वार्ता के बाद जब डॉ. रस्तोगी को हटाकर डॉ. राजीव रंजन को चार्ज दिया गया। इसके बाद ही फार्र्मेसिस्ट काम पर लौटे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सभी फार्मासिस्ट संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ के वैनर तले अध्यक्ष डॉ. अजय नागर के नेतृत्व में प्रशासनिक भवन गेट पर जमा हुए और कार्य बहिष्कार की चेतावनी देते हुए सांकेतिक धरने पर बैठ गए। नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान डॉ. नागर ने कहा कि जब तक जिला महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक रस्तोगी को हटाकर उनके स्थान पर दूसरे का चार्ज नहीं दिया जाता, तब तक फार्मासिस्टों का कार्य बहिष्कार इसी तरह से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. अशोक रस्तोगी की हठधर्मिता और मनमाने रवैये के कारण फार्र्मेसिस्ट उनसे खफा हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसर न जाने क्यों उन्हें उनके पद से हटाने से हिचक रहा है। जबकि न्यायसंगत आधार पर उनकी इस जिले में तैनाती भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वह इसी जिले के रहने वाले हैं। दोपहर एक बजे तक विरोध प्रदर्शन होता रहा। इसके बाद सीडीओ संजीव सिंह ने आंदोलनरत संघ के पदाधिकारियों अध्यक्ष डॉ. अजय नागर, संरक्षक ओएस कनौजिया, उपाध्यक्ष जेडी बंसल आदि को वार्ता के लिए बुलाया। सीएमओ डॉ. आरपी रावत की मौजूदगी में फार्मासिस्टों से वार्ता के बाद डीएम अमृत त्रिपाठी व अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य बरेली मंडल से फोन से बात कर डॉ. अशोक रस्तोगी को सीएमओ पद से हटाकर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजीव रंजन को दायित्व सौंप दिया। मांग पूरी होने के बाद हड़ताल वापस लेते हुए सभी फार्मासिस्टों काम पर लौट गए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सुभाष कनौजिया, संदीप गुप्ता, सुरेश कुमार, एके त्रिपाठी, संदेश कुमार, सतेंद्र कुमार, मो. अली, लईक अहमद, आदित्य परमार आदि लोग मौजूद थे।
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ब्लड जांच व एक्सरे के लिए भटकते रहे मरीज
डॉ. अशोक रस्तोगी के खिलाफ लामबंद फार्मासिस्टों में लैब टेक्नीशियन व एक्सरे टेक्नीशियन भी हड़ताल पर थे। इस कारण दूर-दराज से आए मरीजों को एक्सरे कराने व ब्लड की जांच कराने वाले मरीजों को भटकना पड़ा। एक बजे के बाद जब फार्मासिस्ट काम पर लौटे तो कुछ लोगों के ही एक्सरे- व ब्लड जांच हो पाई क्योंकि दो बजे ओपीडी बंद होने का समय हो गया। सबसे अधिक परेशानी कुत्ता काटे का इंजेक्शन लगाने के लिए आने वालों को भी हुई।

बोले मरीज, इसमें हम लोगों की क्या खता
दूर-दराज से आने वाले मरीजों को जब अस्पताल आने पर हड़ताल का पता चला तो उनके मुंह से एक की बात निकल रही थी कि इसमें हम मरीजों की क्या खता है, जो इलाज न करके परेशान किया जा रहा है। जलालाबाद से आए राकेश कुमार का कहना था कि उनके बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने ब्लड जांच कराने को कहा था। सोचा जल्दी चलेंगे, यहां आए तो पता चला कि ब्लड जांच नहंीं हो पाएगी। एक बार आने में मामूली बात है, कि सौ रुपये किराए-भाड़े में खर्च हो जाना। इसी तरह की पीड़ा अल्हागंज के रामेश्वर की भी थी।
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सीडीओ की अध्यक्षता में फार्मासिस्टों से वार्ता के बाद उनकी मांग को मानते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. राजीव रंजन को जिला महिला अस्पताल के सीएमएस पद का दायित्व कार्यवाहक के तौर पर दे दिया गया। इसके बाद सभी फार्मासिस्ट काम पर वापस आ गए। कोई काम प्रभावित नहीं हुआ।
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डॉ. आरपी रावत, सीएमओ
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