शीतकाल की विदाई का माह फागुन अभी शुरू हो पाया, लेकिन सूरज ने उसे तपाना शुरू कर दिया। थर्मामीटर का पारा पिछले 72 घंटे में सात डिग्री उछलकर रिकार्ड 31.8 डिग्री सेल्सियस की ऊंचाई पर जा पहुंचा है। इसी वजह से सोमवार को जो लोग जैकेट, हॉफ स्वेटर पहनकर निकले, उन्हें गर्मी ने दिन भर सताया। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटे में बूंदाबांदी होने और उससे तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
चालू फरवरी माह की शुरुआत से दिन का तापमान 22 से 26 डिग्री के आसपास झूलता रहा। यह अलग बात रही कि रात में सर्द हवाएं चलने और पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ों की बर्फबारी रात में सर्दी का अहसास कराती रही। इधर, बीते शुक्रवार को अचानक हवा का कम दबाव वाला क्षेत्र बनने से आसमान पर बादल छाए तो रातें भी उमस भरी होने लगीं। रात में पारा ऊपर चढ़ा तो दिन के तापमान में भी बढ़ोत्तरी होने लगी।
बदले मौसम के असर से शनिवार को दिन में तापमान तीन डिग्री बढ़कर 28 डिग्री हो गया। पारा चढ़ने का क्रम रविवार को भी जारी रहा। दिन के साथ रात का तापमान भी डेढ़ डिग्री बढ़ गया, लेकिन सोमवार को पारा सात डिग्री उछाल लेकर 31.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। चार से सात डिग्री रात के तापमान में भी छह डिग्री उछाल लोगों को होली के बाद जैसे मौसम का अहसास करा रहा है।
इधर, गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम साफ रहने की दशा में हर साल तापमान अप्रत्याशित रूप से बढ़ता है, लेकिन मार्च के पहले सप्ताह तक पारा गिरकर सामान्य स्थिति में आ जाता है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार सोमवार को बैरोमीटर 33 अंक गिरने से मंगलवार तक आसमान पर बादल छाने बूंदाबांदी के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में नमी बढ़ने पर तापमान भी घट जाएगा।