विधिक माप विज्ञान विभाग पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल उगलने वाली मशीनों से निकलने वाले पेट्रोलियम की मात्रा जांचकर यह सुनिश्चित कराता है कि ग्राहकों को चुकाए गए मूल्य के अनुरूप डीजल-पेट्रोल मिल रहा है अथवा नहीं। सत्यापन की एक वर्ष की अवधि पूरी होने से पहले मशीन में कोई तकनीकी खराबी आने पर उसे खोलने की आवश्यकता पड़ने पर पंप संचालक को इसकी सूचना माप विज्ञान विभाग को देना अनिवार्य है।
अन्यथा की स्थिति में नियत अवधि पूरी होने से पहले पंप स्वामी को सत्यापन शुल्क का भुगतान करना होता है। इसी प्रक्रिया के तहत विधिक माप विज्ञान अधिकारी विजय कुमार मिश्र ने शनिवार को खुटार जाकर वहां के बंडा रोड स्थित शुक्ला फिलिंग स्टेशन की मशीनरी का सत्यापन किया। इधर, विभागीय प्रयोगशाला परिचर रूपेंद्र वर्मा ने कचहरी के पास स्थित सत्यप्रेम सर्विस सेंटर की पेट्रोलियम मशीनों की जांच की। इस दौरान पेट्रोल पंप और मशीनों की निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।