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पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमत पर चौतरफा गुस्सा

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शाहजहांपुर। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने से जहां नौकरीपेशा लोगों की जेब ढीली हो रही है तो वहीं किसान सिंचाई के लिए परेशान हो रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर हर तबके पर पड़ रहा है। अब सियासी दलों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना शुरू कर दिया है। विपक्षी राजनीतिक दल ईंधन के रेट कम करने के लिए आंदोलन की रणनीति बना रही हैं। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम लोगों में नाराजगी को विपक्षी दल भुनाना चाहते हैं। सोमवार को ही शहर में पेट्रोल के दाम 100 रुपये के पार पहुंच गए थे। एक्स्ट्रा प्रीमियम 100.77 रुपये और साधारण तेल 96.79 रुपये प्रति लीटर रहा। डीजल के दाम 90.59 रुपये प्रति लीटर थे। हालांकि मंगलवार को दाम स्थिर रहे। बढ़ती कीमतों को लेकर परेशान आम आदमी जहां पेट्रोलियम उत्पादों समेत जरूरी वस्तुओं के दामों की बढ़ती कीमतों व महंगाई पर लगाम लगाने की मांग कर रहा है, वहीं विपक्षी दलों के पदाधिकारी इसको सरकार की नाकामी बता रहे हैं।
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राजनीतिक पार्टियों के जिलाध्यक्षों का मत
केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भाजपा विरोध करती थी। अब जब भाजपा की सरकार है, तब रोजाना ही पेट्रोलयिम उत्पादों के दाम बढ़ रहे हैं। जिससे किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं, वे सिंचाई के लिए डीजल लेने में असमर्थ हैं। सीमित आय वाले लोगों के लिए वाहन में पेट्रोल डलवाना मुश्किल है। भाजपा सरकार ने सिर्फ लोगों को गुमराह किया है। - तनवीर खां, जिलाध्यक्ष, सपा
पेट्रोल-डीजल ही नहीं भाजपा सरकार में सभी चीजें महंगी हो रही हैं। आवश्यक वस्तुएं भी आम आदमी की पहुंच से दूर हो रही हैं। लोगों को रोजगार मिल नहीं रहा है। ऐसे में लोगों के सामने भुखमरी की समस्या पैदा होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सरकार अपने वायदों पर खरी नहीं उतर रही, यह सभी देख रहे हैं। आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा। यह भी तय है। - जदुवीर सिंह गौतम, जिलाध्यक्ष, बसपा
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केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें आम आदमी को महंगाई परोसकर उन्हें लूटने पर आमादा हैं। डीजल-पेट्रोल पर महंगाई का समाज कक सभी वर्गों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, लेकिन सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए महंगाई का ठीकरा तेल कंपनियों के सिर फोड़ रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के लोग खामोश नहीं बैठेंगे और न ही सरकार को चैन लेने देंगे। बुधवार को युवा कांग्रेसी पेट्रोलियम मूल्य वृद्घि के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार को आगाह करेंगे और विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा। -रजनीश कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
कोरोना संक्रमण के कारण देश को बड़ी वित्तीय हानि हुई है। ईंधन के रेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित होते हैं। भाजपा सरकार ने ईंधन पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया है। सरकार रेट नियंत्रित करने का पूरा प्रयास कर रही है। भाजपा सरकार में महंगाई पर काफी काबू पाया गया है। ईंधन की कीमतों पर विरोधी दल केवल लोगों को बहकाने का काम कर रहे हैं। -हरिप्रकाश वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा
आम आदमी की बात
आज के दौर में 70 प्रतिशत लोगों के पास अपना वाहन है, ऐसे में पेट्रोल व डीजल हर किसी की जरूरत बन गया है। लेकिन इनके बढ़ते दाम लोगों को विचलित कर रहे हैं। सरकार को पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक लगानी चाहिए। - अरुण कुमार
वर्तमान परिवेश में पेट्रोल व डीजल की कीमतें बढ़ने से टूर एंड ट्रैवल्स कारोबारियों को किराया भी बढ़ाना पड़ा है। जिसकी वजह से लोग बाहर जाने से बच रहे हैं। कोरोना के बाद अब बढ़ती महंगाई से कारोबार ठप हो गया है। सरकार को ध्यान देना चाहिए। - जितेंद्र कुमार शर्मा
राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से ही पेट्रोल व डीजल के दाम कम हो सकते हैं। केंद्र सरकार दोनों पर ही जीएसटी लगाने का प्रस्ताव काउंसिल की बैठक में रख चुकी है। लेकिन विपक्ष इससे सहमत नहीं है। वह सहयोग करे, तो दाम काम होंगे। - प्रसून गुप्ता
पेट्रोल के दाम बढ़ने का जो भी कारण हो, लेकिन इससे आम लोगों का दिवाला निकल गया है। महंगाई को कम करने की बजाय सरकार टैक्स पर टैक्स लगा रही है। पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाई जाए। जिससे राहत मिले। - अंकुर सक्सेना
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