सन इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन
बरेली मोड़ स्थित सन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नालॉजी में एडमिशन ले चुके अनुसूचित जाति के विद्यार्थी संस्थान के निदेशक द्वारा हजारों रुपये फीस जमा करने का दबाव बनाए जाने पर भड़क उठे। परीक्षा में बैठने से रोकने की धमकी दिए जाने पर वहां के छात्र-छात्राओं ने कलक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करके अफसरों का ध्यानाकर्षण किया। उन्होंने डीएम विजय किरन आनंद को ज्ञापन देकर परीक्षा फार्म दिलाए जाने की गुहार की। इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने डीएम को बताया कि वे सभी अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों से जुड़े हैं। कालेज में प्रवेश लेते समय उनसे कहा गया कि रजिस्ट्रेशन फीस के अलावा अन्य कोई फीस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही छात्रवृत्ति के फॉर्म भरकर जमा कराए गए। अब उनसे परीक्षा शुल्क के 1400 रुपये जमा करने को कहा जा रहा है। ज्ञापन के अनुसार छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि नहीं आने पर प्रति सेमेस्टर 12500 रुपये जमा करने का दबाव डाला जा रहा है। कालेज के निदेशक ने साफ कह दिया कि फीस जमा नहीं किए जाने पर परीक्षा फॉर्म भी नहीं दिया जाएगा, जबकि प्रवेश के समय ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई। गरीब परिवार के होने के कारण वे फीस दे पाने की स्थिति में नहीं हैं जबकि परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 12 मई निर्धारित है।
निदेशक ने डीएम के समक्ष रखा अपना पक्ष
अनुसूचित छात्र-छात्राओं से फीस लिए जाने के बारे में सन इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. यूडी कपूर ने डीएम आनंद से मिलकर अपना पक्ष रखा। डॉ. कपूर के अनुसार इंस्टीट्यूट के सभी 400 छात्र-छात्राओं के अभिलेख कंप्यूटर पर फीड करके उनके छात्रवृत्ति आवेदन भेजे गए, लेकिन लगभग 100 छात्रों के आवेदन विभिन्न आपत्तियां लगाकर रोक दिए गए और इसमें संस्थान की कोई गलती नहीं है। उन्होंने बताया कि तमाम छात्र गत दो वर्ष से कोई फीस दिए बगैर उनके संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। डॉ. कपूर के अनुसार डीएम के निर्देश पर उन छात्र-छात्राओं की फीस के बारे में उचित निर्णय किया जाएगा जो कि वास्तव में बेहद गरीब परिवारों के हैं।