शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में नगर निगम क्षेत्र में अधिकतर हैंडपंप गंदा और पीला पानी दे रहे हैं। नगर निगम ने 130 हैंडपंप रिबोर कराने के लिए चिह्नित किए हैं। तीन-चार माह से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अब तक हैंडपंप रिबोर होना शुरू नहीं हो पाए हैं। गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि वर्क आर्डर तैयार हो रहे हैं। जल्द ही रिबोर का कार्य शुरू हो जाएगा।
जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पानी की आपूर्ति करना शासन की प्राथमिकता में शामिल है। नगर निगम क्षेत्र में 2092 हैंडपंप लगे हुए हैं। 150 फुट पर शहर में बोरिंग कराई जा रही है। 60 फुट पर जलस्तर को नदी किनारे निचले इलाकों में मानक बनाया गया है। शहर से लेकर गांवों तक सरकारी हैंडपंपों से निकलने वाला पीला और बदबूदार पानी लोगों को बीमार बना रहा है।
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हैंडपंपों में निकल रहा बदबूदार पानी
सरकारी हैंडपंपों में कई मोहल्लों में गंदा, पीला और बदबूदार पानी निकल रहा है जो कि पीने लायक नहीं है। इनमें मक्कू बाजरिया, ब्रज बिहार कॉलोनी, कृष्णानगर कॉलोनी, लोधीपुर, रामनगर कॉलोनी, लोहिया कॉलोनी, बिजलीपुरा, बाडूजई प्रथम, बाडूजई द्वितीय, अजीजगंज, चौक, मोहम्मद जई, महमंद हद्दफ, तिलहर जई, मदराखेल, ख्वाजा फिरोज, नई बस्ती, रेती, रोजा, गदियाना चुंगी, अहमदपुरा, जलालनगर, नसरजई, एमनजई जलालनगर, पुरानी आवास विकास कॉलोनी, कांशीराम कॉलोनी आदि मोहल्ले शामिल हैं। इसी तरह से कई मोहल्लों के हैंडपंपों में तकनीकी खराबी है। लोग गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं, लेकिन जल निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर निगम क्षेत्र में हैंडपंप की स्थिति
- कुल हैंडपंप- 2992
- 130 नलों को रिबोर करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू
- एक नल को रिबोर करने में करीब 60 से 70 हजार रुपये की आती है लागत
- तीन साल से नलों को रिबोर करने का नहीं हुआ टेंडर
- शिकायत के आधार पर हैंडपंप रिबोर करने का काम होगा
लोगों की बात
मोहल्ले में लगे सरकारी हैंडपंप में गंदा, पीला और बदबूदार पानी निकलता है। जो कि पीने लायक नहीं है। कई बार नगर निगम में शिकायत कर चुके हैं। सुनवाई नहीं होती है।
- प्रेम रस्तोगी, बाडूजई प्रथम
सरकारी हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं है। यहां तक की कपड़े धोने पर खराब हो जाते हैं। हैंडपंपों का पानी खराब हो चुका है। इसमें नगर निगम को सुधार करना चाहिए।
- करन सक्सेना, सैनिक कॉलोनी
हैंडपंप की बोरिंग के समय मानकों का ध्यान नहीं दिया जाता है। जहां पर पानी निकल जाता है वहीं पर बोरिंग कर दी जाती है। इसकी वजह से हैंडपंपों में गंदा पानी आता है।
- आलोक वर्मा, करबला
मोहल्ले में एक हैंडपंप करीब एक साल पहले खराब हो गया। उसका ऊपर का हिस्सा गायब हो गया है। यह प्रयोग के काबिल नहीं रह गया। शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है।
- राजू श्रीवास्तव, महमंद हद्दफ
130 हैंडपंप नगर निगम की ओर से चिह्नित किए गए थे। इनका वर्कआर्डर जारी किया जा रहा है। जल्द ही हैंडपंपों को रिबोर करने का कार्य शुरू हो जाएगा। जहां भी पीला और गंदा पानी आ रहा है, उसकी जांच कराई जाएगी।
- विजय कुमार मौर्य, प्रबंधक जलकर, नगर निगम
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला
आलोक वर्मा निवासी मोहल्ला करबला