पुवायां। हादसे की वजह बनी पुलिया को सही कराने की कई बार मांग करने के बाद भी जब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सुनवाई नहीं की तो गांव वालों ने खुद ही कारसेवा से उसे बनवाने का बीड़ा उठाया। इसके बाद रेलिंग का निर्माण कराने के साथ ही उसके आसपास मिट्टी डलवाने का काम भी शुरू करा दिया।
पुवायां के गांव महुरेना से गांव ठुर्रा जाने वाले मार्ग पर गुरुद्वारा है। इसके पास से बंडा के गांव बेला तक रास्ता जाता है। कई वर्ष पहले इस मार्ग पर गांव ठुर्रा के पास पुलिया बनाने के नाम पर एक पाइप डलवाकर छोड़ दिया गया। पुलिया के पास रेलिंग भी नहीं बनाई गई। गांव के लोगों ने अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बाद में पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई थी।
इसके चलते पिछले वर्ष बरातियों से भरी कार पुलिया से नीचे गिर गई। इस हादसे में कुछ बराती घायल भी हुए। इसके बाद गांव के लोगों ने फिर से रेलिंग बनवाने और पुलिया के दोनों ओर मिट्टी डलवाने की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसी बीच बृहस्पतिवार को खुटार गुरुद्वारे के बाबा किशन सिंह गांव पहुंचे तो लोगों ने पुलिया का मुद्दा उठाया। बाबा किशन सिंह ने मौके पर जाकर पुलिया को देखा और लोगों के सहयोग से बृहस्पतिवार को ही रेलिंग बनाने का काम शुरू करा दिया। शुक्रवार को पुलिया के दोनों ओर मिट्टी डालने का काम भी शुरू कर दिया गया। इससे गांव बेला के लोगों ने राहत की सांस ली है।
पहले भी खन्नौत नदी पर कार सेवा से बना चुके हैं पुल
पुवायां। कस्बे से नाहिल होते हुए बिलसंडा जाने पर रास्ते में पीलीभीत और शाहजहांपुर की सीमा पर खन्नौत नदी पड़ती है। इस नदी पर पुल नहीं था। लगभग बीस वर्ष पहले बाबा अमरीक सिंह पटियाला वालों के निर्देशन में हुई कार सेवा में क्षेत्र के लोगों ने चंदा कर लाखों की लागत से पुल बना लिया था। यह पुल आज भी चल रहा है और रोजाना सैकड़ों वाहन इससे गुजरते हैं। इससे पीलीभीत और शाहजहांपुर जिले का संपर्क जुड़ गया था। पहले लोगों को बिलसंडा से बंडा होकर पुवायां आना पड़ता था।
पुलिया काफी समय क्षतिग्रस्त थी। समाधान दिवस में शिकायतें की गई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलने पर बाबा अमरीक सिंह पटियाला वालों के निर्देशन में कार सेवा कर पुलिया की रेलिंग सही की गई और मिट्टी डालने का काम चल रहा है। - पंजाब सिंह, गांव महुरेना पुवायां
गांव महुरेना, बेला, ठुर्रा के लोगों को पुलिया क्षतिग्रस्त होने से समस्या थी। अब बाबा अमरीक सिंह की प्रेरणा से पुलिया सही कर ली गई है। - अजायब सिंह, गांव ठुर्रा पुवायां
इस तरह का प्रकरण संज्ञान में नहीं आया। पुलिया मरम्मत के लिए कोई प्रार्थनापत्र भी नहीं मिला। कार सेवा से पुलिया मरम्मत का काम हो रहा है तो प्रशंसनीय है। - सौरभ भट्ट, एसडीएम पुवायां