तिलहर। नगर के मोहल्ला नितगंजा में घनी आबादी के बीच मोबाइल का टावर लगाए जाने को लेकर आसपास के लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर पहुंचे नगर पालिका ईओ और संबंधित अधिकारियों ने नगर पालिका की बिना अनुमति के टावर लगाए जाने पर एतराज जताते हुए टावर लगाने का काम बंद करा दिया। इस दौरान वीडियो बनाने वाले एक युवक को पालिका अधिकारियों और लोगों ने भगा दिया। काम बंद कराए जाने को लेकर लगभग एक घंटे तक हंगामा चलता रहा।
नगर के मोहल्ला नितगंजा में लगभग तीन महीने पहले एक मोबाइल कंपनी का टावर लगाए जाने को लेकर प्रगति कंस्ट्रक्शन कंपनी लखनऊ ने काम शुरू किया था। इस दौरान कंपनी ने टावर का पाइप खड़ा कर दिया था। बाद में आसपास के लोगों ने घनी आबादी के बीच बन रहे टावर का विरोध करते हुए काम बंद करा दिया था। कंपनी के सुपरवाइजर मुकेश कुमार ने बताया कि लगभग दो महीने से काम बंद था। मंगलवार को काम शुरू किया लेकिन दोबारा मोहल्ले के लोगों ने एतराज जताना शुरू कर दिया। मामला कोतवाली तक पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। बुधवार को सुबह दोबारा काम शुरू किया गया लेकिन इस बीच टावर लगाने का विरोध करते हुए तमाम लोग जमा हो गए। लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
कंपनी के सुपरवाइजर मुकेश कुमार ने बताया कि वह दो दिन पहले टावर का काम करने आए हुए हैं लेकिन यहां पर दोबारा विवाद खड़ा हो गया है। हमने नगर पालिका अधिकारियों के कहने पर काम बंद कर दिया है। जब स्वीकृति मिलेगी तभी काम किया जाएगा। उधर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी सर्वेश कुशवाहा, वरिष्ठ लिपिक दिग्विजय सिंह और जूनियर इंजीनियर, संपत्ति विभाग के अधिकारी अयूब अली और गवर्नमेंट कांट्रैक्टर सुनील शर्मा, वारिस अली सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने बिना स्वीकृति के टावर लगाया जाने को लेकर सुपरवाइजर को आड़े हाथों लिया। इस बीच मोहल्ले के तमाम लोग इकट्ठे हो गए। ईओ के विरोध के बाद टावर लगाने का काम बंद करा दिया गया। ईओ सर्वेश कुशवाहा ने बताया कि नगर पालिका से टावर लगाने की अनुमति नहीं ली गई। घनी आबादी के बीच टावर लगाना गलत है।