शाहजहांपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े विभिन्न विभागों के पेंशनरों ने कैशलेस इलाज की सुविधा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर धरना दिया। सभा में वक्ताओं ने इलाज प्रतिपूर्ति प्राप्त करने में विभाग स्तर से होने वाली कठिनाइयों का उल्लेख किया। शिष्टमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
वरिष्ठ पेंशनर विष्णु प्रकाश गुप्त की अध्यक्षता में हुई सभा में कर्मचारी नेता अनिल दीक्षित ने कहा कि कैशलेस इलाज की सुविधा मांगने पर सरकार चिकित्सा प्रतिपूर्ति पहले से दिए जाने का तर्क देती है, लेकिन बाद में पेंशनरों को विभागीय स्तर पर तरह-तरह से परेशान किया जाता है। निजी अस्पताल में इलाज पर व्यय हुई धनराशि स्वीकृत करने के बजाय उसमें भी यह कहकर कटौती कर दी जाती है कि सरकारी अस्पताल में जितना खर्च होता है, उतनी ही धनराशि मिल सकेगी।
संचालन करते हुए उमेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के साथ भी सूदखोर जैसा व्यवहार करती है। मांग पत्र में पेंशनरों को 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पर पेंशन में पांच, दस एवं 15 प्रतिशत वृद्धि करने, न्यूनतम पेंशन के लिए 33 वर्ष सेवा अनिवार्यता खत्म करने, कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके कार्यकाल की कोई भी दंडात्मक वसूली पारिवारिक पेंशनर से नहीं करने आदि मांगें शामिल हैं।
इस दौरान एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय सिंह वर्मा, मंत्री भूप सिंह, राजेश्वर दयाल तिवारी, एमएमए खान, सर्वेश गुप्ता, ओमप्रकाश त्रिवेदी, खालिद मजीद, प्रताप नारायण अवस्थी, राम प्रकाश शर्मा, दिनेश चंद्र सक्सेना, गयाराम यादव, डॉ. अरुण सक्सेना, शांतनु वाजपेयी, ललित मोहन सक्सेना, सैयद भूरे अली खां, राजाराम, राकेश वाजपेयी, वीरेंद्र सक्सेना, ओमकार नाथ शुक्ला आदि मौजूद रहे।