कोलाघाट पुल पर जांच टीम से कार्य की प्रगति की जानकारी लेते सांसद। संवाद
जलालाबाद/मिर्जापुर। कोलाघाट पुल पर भार वहन क्षमता की जांच का काम पूरा हो गया है। सोमवार शाम से पुल पर पैदल और दोपहिया वाहनों से आवागमन शुरू हो गया। इससे पूर्व अधिकारियों के साथ कोलाघाट पहुंचे सांसद अरुण कुमार सागर ने बीएचयू की आईआईटी से आई विशेषज्ञों की टीम से कार्य की प्रगति जानी।
आईआईटी की टीम के इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियर अश्विनी कुमार ने उन्हें बताया कि वह पुल के सभी पिलर की विस्तृत जांच रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को सौप देंगे। सेतु निगम के अधिकारी जांच कार्यों का अलग-अलग विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें 20 से 30 दिन का समय लग सकता है। जांच में किसी स्तर पर कोई कमी मिलने पर आवागमन को लेकर दिक्कत खड़ी हो सकती है। इसलिए अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि पुल से भारी चार पहिया वाहनों को निकलने की अनुमति देना उचित होगा अथवा नहीं।
गत 14 सितंबर से कोलाघाट पुल पर भार वहन क्षमता की जांच का काम शुरू हुआ था।
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कोला पुल से दौड़ने लगे दोपहिया वाहन
कोला पुल से शाम चार बजे सांसद की वापसी होने के कुछ देर बाद बीएचयू आईआईटी की जांच टीमें भी मशीनों समेत सारा सामान लेकर वापस चली गईं। इसके साथ ही लोगों ने पुल से पैदल और दोपहिया वाहनों से आवागमन शुरू कर दिया। पुल पर आवागमन शुरू होने के संबंध में एसडीएम व तहसीलदार कोई जानकारी नहीं दे सके।