शाहजहांपुर। राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा, सहायक वन संरक्षक व क्षेत्रीय वन अधिकारी सेवा परीक्षा 2025 (पीसीएस) रविवार को जिले के 18 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में हुई। परीक्षा में एआई की नजर के साथ ही कंट्रोल रूम की लाइव निगरानी रही। दोनों ही पालियों में आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
पहली पाली सुबह साढ़े नौ बजे से होने के चलते लखीमपुर, लखनऊ समेत कई जिलों से आए अभ्यर्थी सुबह आठ बजे ही सेंटरों पर पहुंच गए। अभ्यर्थियों की लाइन लगवाकर तलाशी लेने के साथ ही बायोमीट्रिक उपस्थिति ली गई। अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट, चेहरे, आंखों की पुतलियों के सत्यापन के बाद ही सेंटर के अंदर प्रवेश दिया गया।
सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ ही लाइव निगरानी भी की गई। इस दौरान एआई का सहयोग भी लिया गया। नोडल अधिकारी एडीएम अरविंद कुमार और एसपी राजेश द्विवेदी ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। दूसरी पाली में भी परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। एडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि पंजीकृत 7680 परीक्षार्थियों में पहली पाली में 3693 उपस्थित व 3987 गैर हाजिर रहे। इसी तरह दूसरी पाली में 3668 उपस्थित व 4012 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
पर्यावरण व रीजनिंग में उलझे अभ्यर्थी
पीसीएस-प्री परीक्षा में कुछ सवालों ने विद्यार्थियों को उलझा दिया। अभ्यर्थियाें के अनुसार, पर्यावरण, रीजनिंग व सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को हल करने में काफी समय लग गया। इस्लामिया कॉलेज में परीक्षा देकर निकले देवांकर कुमार ने बताया कि प्रश्न पत्र काफी कठिन था। पर्यावरण के प्रश्न काफी ज्यादा कठिन थे।
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सामान्य ज्ञान के प्रश्न कम व कठिन आए
प्रश्नपत्र काफी बेहतर हुआ है। अधिकतर पढ़ा हुआ आया था। सामान्य ज्ञान के प्रश्न कम आए। रीजनिंग भी काफी ज्यादा कठिन लगी। फिर भी उत्तीर्ण हो जाएंगे, ऐसा विश्वास है।
-ज्योति गुप्ता
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कई विषयों पर पूछे गए थे सवाल
कुछ प्रश्न कठिन थे, जिन्हें हल करने में काफी समय लग गया। सामान्य ज्ञान, पर्यावरण समेत कई विषयों पर सवाल पूछे गए। समय से प्रश्नपत्र को हल कर लिया था।
- एकलव्य-लखीमपुर
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इतिहास के प्रश्न हल करने में आई कठिनाई
प्रश्नपत्र सामान्य था। हमें ज्यादा कठिन नहीं लगा। इतिहास के प्रश्नों ने थोड़ा परेशान किया। प्रयास कर उन्हें भी लिख दिया। उम्मीद है कि परीक्षा में उत्तीर्ण हो जाएंगे।
- नीरज दीक्षित, लखनऊ
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घड़ी बंद होने से पूरा पेपर खराब हो गया
इस्लामिया कॉलेज के कमरे में लगी घड़ी 11 बजे बंद हो गई। उसमें सेल तक नहीं पड़ा था। परीक्षा छूटने पर पांच मिनट शेष रहने पर ओमआर शीट भरने को कहा गया। घड़ी बंद होने पर सेंटर इंचार्ज व कक्ष निरीक्षक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। पूरा पेपर बर्बाद हो गया।
- अभिमन्यु
ज्योति गुप्ता, परीक्षार्थी
ज्योति गुप्ता, परीक्षार्थी
ज्योति गुप्ता, परीक्षार्थी
ज्योति गुप्ता, परीक्षार्थी
ज्योति गुप्ता, परीक्षार्थी