बजाज चीनी मिल को बेचे गन्ने का भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसान मिल से चीनी लेने के लिए सुबह होते ही लाइन में आ लगते हैं। लंबी लाइन हो जाने के चलते तमाम किसानों को चीनी नहीं मिल पाती है।
गौरतलब है कि किसानों को अपने गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है। मकसूदापुर चीनी मिल के अधिकारियों का कहना है कि चीनी की बिक्री नहीं हो पाने के कारण भुगतान में विलंब हो रहा है। जिन किसानों ने गन्ना बेचा है, उनको मिल की ओर से चीनी लेने की सुविधा प्रदान की गई है। भुगतान नहीं मिलने से परेशान किसान मिल से चीनी लेकर उसे कम रेट में बेचकर घर का खर्च चला रहा है।
किसानों का कहना है कि दलाल किस्म के लोग उनकी पर्चियां लेकर लाइन में लग जाते हैं। मिल में सुबह दस बजे तक ही पर्ची जमा की जाती है और दो बजे तक चीनी वितरित की जाती है। इससे छोटे किसानों को चीनी नहीं मिल पाती है। जिन किसानों को चीनी मिल जाती है, उनसे दो सौ रुपये प्रति क्विंटल कम रेट पर चीनी लेने के लिए कई लोग मिल के बाहर डटे रहते हैं। रुपयों की जरूरत के चलते किसान को मजबूरन कम रेट में चीनी बेचनी पड़ती है। किसानों ने गन्ने का भुगतान कराए जाने की मांग की है। मिल के केन मैनेजर संजीव पाठक का कहना है कि किसानों को गन्ने का भुगतान भी किया जा रहा है। जो किसान चीनी लेने के इच्छुक हैं, उन्हें ही चीनी दी जा रही है।