त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के तहत ग्राम पंचायतों मेें प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद को हुए चुनाव के मतों की गिनती का काम रविवार को सुबह सात बजे से सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया। मतगणना शुरू होने के तीन घंटे के अंदर सिंधौली ब्लॉक से नतीजे मिलने की शुरुआत हो गई। बाद में अन्य विकास खंडों के गांवों में भी नई सरकार की तस्वीर साफ होने लगी। जलालाबाद और भावलखेड़ा ब्लॉक के कुछ गांवों की मतगणना में समय ज्यादा लगा, लेकिन शाम पांच बजे तक सभी विकासखंडों की 1077 ग्राम पंचायतों के परिणाम घोषित कर दिए गए। काउंटिंग के दौरान मतगणना केंद्रों के बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा लगा रहने से वहां मेले जैसा माहौल रहा।
चूंकि, मतगणना का काम सुबह सात बजे से शुरू होना था, इसलिए काउंटिंग ड्यूटी पर लगाए गए कार्मिकों को सुबह पांच बजे तक संबंधित ब्लॉक के मतगणना केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पदों की मतगणना के लिए अलग-अलग टेबिलें लगाई गईं। कर्मचारियों ने निर्धारित सीटों पर बैठने के बाद सबसे पहले सभी प्रत्याशियों और उनके एजेंटों के सामने संबंधित बूथ की सील मत पेटिकाएं खोलने, उन्हें पलटकर मतपत्र बाहर निकालने और खाली बैलेट बॉक्स दिखाने आदि प्रक्रियाएं पूरी कीं।
इसी के साथ मत पत्रों की बंडलिंग का काम शुरू हो गया जो कि लगभग सवा घंटे तक चला। 50-50 मतपत्रों के बंडल बनाने के बाद वोटों की गिनती का संवेदनशील काम शुरू होने के साथ मतगणना केंद्र के अंदर और बाहर का सियासी माहौल गरमाने लगा। हालांकि, प्रशासन ने मतगणना केंद्र में मोबाइल फोन ले जाना वर्जित कर दिया था। अंदर का रुझान बाहर आने से रोकने के लिए पंचायत सचिवों के मतगणना केंद्रों में प्रवेश पर भी रोक लगाई गई, इसके बावजूद सूचनाएं लीक होती रहीं।
यही वजह रही कि किसी प्रत्याशी की वोटों की बढ़त जाहिर होते ही बाहर जिंदाबाद के नारे से हर्ष का गुबार फूट पड़ता। भावलखेड़ा ब्लॉक के काउंटिंग स्थल बनाए लोधीपुर के सुदामा प्रसाद स्कूल भवन के बाहर प्रधानी के तमाम प्रत्याशियों के समर्थकों का सुबह से मेला लगने लगा। अलग-अलग समूहों में लोग मोबाइल कानों से लगाए और कान लाउडस्पीकर पर लगाए हुए घंटों खड़े रहे। इन सभी का अचानक उछलकर आपस में बधाइयों का दौर जाहिर करता रहा कि उनके तार अंदर से जुड़े हैं।
चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों को आरओ अखिलानंद पांडेय ने अपने कक्ष में बुलाकर विजेता को प्रमाण पत्र प्रदान किए। चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों के प्रमाण पत्र लेकर बाहर आते ही समर्थकों ने फूलमालाओं से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके का फायदा उठाने के लिए कई मालाएं बेचने वाले भी वहां पहुंच गए। इस दौरान नियामतपुर से लगातार तीसरी बार प्रधानी जीतीं भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव की पुत्रवधू ममता यादव के समर्थकों की खुशी देखते ही बनी। सपा के जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने भी चुनाव जीतने वाले पार्टी समर्थित प्रधानों का मालाएं पहनाकर बधाई दी।