शाहजहांपुर। युवाओं में सिर्फ क्रिकेट की दीवानगी नहीं, बल्कि शह और मात का खेल भी पसंद आ रहा है। बौद्धिक विकास के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर खेल के जरिये पहुंचकर अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं। जिले में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शतरंज में रुचि दिखा रहे हैं। वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सके हैं।
शतरंज से मिला पढ़ाई में फायदा
कर्नल एकेडमी के छात्र नीतेश यादव अंडर-14 वर्ग में खेलते हैं। शतरंज में उनकी शह और मात की समझ गजब की है। शतरंज के खेल से उन्हें पढ़ाई भी फायदा मिलता है। वह ग्रैंड मास्टर बनना चाहते हैं। इसके लिए प्रतियोगिता में प्रतिभाग करते हैं। कॅरिअर बनाने के लिए शतरंज की काेचिंग ले रहे हैं।
विश्व पटल तक जाने का सपना
शतरंज खिलाड़ी आयुष सक्सेना ने कई राष्ट्रीय व फीडे रेटेड टूर्नामेंट खेले है। वह कहते हैं कि युवा खिलाड़ी आर. प्रगनानंदा से प्रेरित हैं और आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रैंड मास्टर बनने के लिए लगातार प्रतियोगिता में खेलते हैं। इससे खेल में सुधार हो रहा है। विश्व पटल पर जाकर खेल का जौहर दिखाने का सपना है।
रेटेड प्रतियोगिता में दिखा रहे प्रतिभा
जनपद चैंपियन अंकित सेन राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुके हैं। अपने आयु वर्ग में स्टेट, लखीमपुर, शाहजहांपुर, बरेली चैंपियन रह चुके हैं। लगातार रेटेड प्रतियोगिता खेलते रहते हैं। जिला शतरंज खेल संघ के माध्यम से शतरंज खिलाड़ियों को ऑनलाइन व ऑफलाइन कोचिंग भी देते हैं।
अंकित
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