गफ्फार का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
शाहजहांपुर। अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन में तबीयत बिगड़ने पर शामली जिले के थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के सिक्का गांव निवासी 40 वर्षीय गफ्फार को जीआरपी ने ट्रेन से उतरवाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज भिजवाया। यहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है।
परिजनों ने बताया कि गफ्फार फेरी लगाकर कुर्सी बेचते हैं। पिछले एक माह से बलिया जिले में काम कर रहे थे। गफ्फार की पिछले कुछ दिन से तबीयत ठीक नहीं थी। वह अपने भतीजे मुस्तकीम के साथ अमृतसर एक्सप्रेस से वापस सहारनपुर के लिए जा रहे थे। वहां से वह दूसरे वाहन से शामली के लिए जाते।
भतीजे मुस्तकीम ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह लखनऊ स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन में गफ्फार की तबीयत बिगड़ गई। तुरंत हेल्पलाइन नंबर 139 पर काॅल कर मदद मांगी। लखनऊ स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही डाॅक्टरों की टीम ने परीक्षण कर चाचा को दवा दी। इसके बाद ट्रेन चल दी।
हरदोई जिले के शाहबाद थाना क्षेत्र में ट्रेन पहुंचते ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई। एक बार फिर हेल्पलाइन नंबर पर काॅल की। शाहजहांपुर स्टेशन पर ट्रेन को रोककर चाचा गफ्फार को राजकीय मेडिकल काॅलेज भेजा गया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मुस्तकीम ने बताया कि चाचा की चार बेटियां और एक बेटा है।