- साड़ी, लहंगा व शृंगार का सामान खरीद रहीं महिलाएं, उपहार बुक करा रहे हैं पति
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। करवा चौथ एक नवंबर को मनाया जाएगा। जिसको लेकर बाजार सज गए हैं। पॉर्लर बुक हो गए हैं तो महिलाओं ने पूजा-पाठ और शृंगार का सामान खरीदना शुरू कर दिया है। पति भी पत्नियों को खुश करने के लिए उपहार बुक करा रहे हैं।
करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। रात को चांद निकलने पर उसका पूजन किया जाता है और पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलती हैं।
पीतल के करवा और पूजा की थाली की मांग
बाजार में मिट्टी के साथ ही पीतल का करवा और पूजा की थाली भी बिक रही हैं। मिट्टी का साधारण करवा जहां 20 से लेकर 30 रुपये का है, तो डिजाइनर करवा भी धूम मचा रहा है। आकार के हिसाब से 40 से 50 रुपये के बीच लोग इसकी खरीदारी कर रहे हैं। वहीं, पीतल और कांसे के करवा 250 से 500 रुपये तक बिक रहा है। डिजाइनर पूजा की थाली 250 रुपये तक बिक रही है। कारोबारी राहुल मिश्रा ने बताया कि करवा का कारोबार 30 से 40 लाख तक होने की उम्मीद है।
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सोने व चांदी के करवे भी उपलब्ध
बाजार में सोने-चांदी का करवा भी उपलब्ध है। सदर सराफा बाजार के विनोद गुप्ता बताते हैं कि सोना महंगा होने के बावजूद सराफा बाजार चमक रहा है। आगे सहालग है। ऐसे में लोग जेवरात की खरीदारी कर रहे हैं। चांदी के करवे की कीमत जहां 5000 से लेकर 50000 तक है। वहीं सोने का तकरीबन 32 ग्राम का करवा दो लाख रुपये का है।
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उपहार में देने को हार व मंगल सूत्र की हो रही बुकिंग
सोने की चूड़ियां वजन के हिसाब से खरीदी जा रही हैं। जोकि 50 हजार रुपये से शुरू हैं। नए जोड़े उपहार के लिए रत्न जड़ित जड़ाऊ हार और हीरे वाले नेकलेस पसंद कर रहे हैं। पति अपनी पत्नी के लिए उपहार में देने के लिए आभूषणों की बुकिंग करवा रहे है। इसके साथ ही मोबाइल, साड़ी आदि भी उपहार स्वरूप देने को खरीद रहे हैं।
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खील, चूरा, गट्टा और बताशों की बिक्री
सभी प्रमुख बाजारों में खील, चूरा, गट्टा और बताशे की दुकानें सज गई हैं। पूजा के लिए इन सभी की खरीदारी लोग कर रहे हैं। करवा, सींके आदि खरीदी जा रही हैं। कारोबारी रामआसरे ने बताया कि करवा चौथ को लेकर खरीदारी होने लगी है। अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
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सिल्क और राजवाड़ा पैटर्न की साड़ी-लहंगा बाजार में आया
कारोबारी पूरन सिंह ने बताया कि महिलाएं सबसे ज्यादा सिल्क और शिफॉन की साड़ियां पसंद करती हैं। इसकी कीमत 1200 से 10 हजार रुपये तक है। वहीं बनारसी साड़ी दो हजार से लेकर 40 हजार रुपये तक में बाजार में उपलब्ध है। राजवाड़ा पैटर्न की साड़ी और लहंगा दोनों को खूब पसंद किया जा रहा है। जिनकी शुरुआत पांच हजार से है और एक लाख तक की कीमत में मौजूद है। इनके अलावा आर्गेंंजा की साड़ियां भी बिक रही हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 15 से 20 प्रतिशत अधिक कारोबार होने की संभावना है।
गाविंदगंज स्थित एक शोरूम पर साड़ी पसंद करती महिलाएं। संवाद
गाविंदगंज स्थित एक शोरूम पर साड़ी पसंद करती महिलाएं। संवाद