शाहजहांपुर में हजरत सज्जादुल्लाह शाह उर्फ अब्दुल कादिर के उर्स में दुआ करते शहर इमाम मौलाना हुज
शाहजहांपुर। हजरत मोहम्मद सज्जादुल्लाह शाह उर्फ अब्दुल कादिर का 67वां वार्षिक उर्स मोहल्ला मेहमान शाह स्थित दरगाह और मोहल्ला मोहम्मदजई स्थित मस्जिद तुर्राह बाज खां में मनाया गया।
कुलशरीफ में कुरान की आयतें पढ़कर साहिब-ए-उर्स को ईसाल-ए-सवाब किया गया। जायरीन ने गुलपोशी और चादरपोशी करते हुए मजार पर नज्र और फातिहा पेश की। आयोजक खालिद खां बब्बू ने लंगर वितरित किया।
मोहल्ला मोहम्मदजई स्थित तुर्रह बाज खां मस्जिद में कुल शरीफ में बब्बन रजा कादरी और अरशद कादरी ने नात और मनकबत पेश की। मुख्य अतिथि मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने कहा कि अल्लाह के वलियों के प्रति अकीदत और प्यार रखते हुए हाजिरी लगाना नेक और सवाब का काम है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपना इतिहास पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें सर्वश्रेष्ठ उम्मती होने पर गर्व हो। उर्स के व्यवस्थापक हाजी गुलाम गौस खां ने शिजरा सुनाया। मौलाना मोहम्मद अनीस रजा खां अतहर ने मुल्क व मिल्लत की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की।
मुफ्ती मोहम्मद राहिल मरकजी, हाफिज आमिर रजा, हाफिज यूनुस खान, हाफिज इजहार हसन, मौलाना वाफिर रजा, हाफिज आरिश हसन खान, हाफिज वसीम खान, हाफिज खालिद रजा आदि मौजूद रहे। संवाद