फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shahjahanpur News: पार्कों से रौनक गायब... कहीं टूटे झूले तो कहीं कसरत के लिए लगाईं मशीनें खराब

विज्ञापन
आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शहरवासियों को स्वस्थ माहौल देने और बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए पार्कों का इस समय बुरा हाल हैं। झूले टूटे पड़े हैं तो कहीं कसरत के लिए लगाई गई मशीनें कबाड़ हो गईं हैं। सफाई व्यवस्था भी बेपटरी है। कई पार्कों में रोशनी के इंतजाम भी ध्वस्त होने से शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता है। शहीदों के नाम पर बनाए गए पार्कों को ठेले वालों ने घेर रखा है। ऐसे में जिन पार्कों में चहल-पहल होनी चाहिए, वहां अव्यवस्था और अराजकतत्वों का जमावड़ा नजर आता है।
विज्ञापन

टाउन हॉल स्थित शहीद पार्क में प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति दस रुपये लिए जाते हैं, लेकिन बच्चों के लिए लगाए गए अधिकांश झूले लंबे समय से टूटे पड़े हैं तो फिसलने वाले झूलों की प्लास्टिक भी टूट चुकी है। इससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। अभिभावक भी बच्चों को इन झूलों पर बैठाने से बचते हैं।
आवास विकास स्थित शहीद रमेश पार्क भी बदहाली से जूझ रहा है। यहां झूले टूटे पड़े हैं और रात में रोशनी के लिए लगाया गया सोलर लाइट का खंभा भी क्षतिग्रस्त है। सफाई नहीं होने से पार्क में गंदगी पसरी है। कुछ दूरी पर स्थित आंबेडकर पार्क का पुनर्निर्माण कुछ महीने पहले ही कराया गया, लेकिन यहां भी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। इंटरलॉकिंग सड़क धंस गई है, बेंच टूटी पड़ी हैं और निर्माण सामग्री के पत्थर सड़क के किनारे पड़े हैं।
विज्ञापन

लाल इमली चौराहा स्थित शहीद अहमद उल्ला शाह पार्क की स्थिति तो और भी खराब है। स्मार्ट रोड निर्माण के दौरान इसकी दीवारें दोबारा बनाई गईं, लेकिन अब तक प्लास्टर नहीं कराया गया। पार्क के एक ओर बैंड संचालक और दूसरी ओर अंडे का ठेला लगाने वाले ने कब्जा कर रखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में पार्क में अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता हैं। पास में पुलिस पिकेट होने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता।
जीएफ कॉलेज मार्ग पर स्थित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। यहां नियमित सफाई नहीं होती। रात में पर्याप्त रोशनी न होने से लोग पार्क में जाने से कतराते हैं।

शौचालय बने, शीशे नहीं लगे

टाउन हॉल स्थित शहीद पार्क में लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए शौचालय भी अधूरे हैं। दरवाजों के फ्रेम तो लगा दिए गए, लेकिन उनमें शीशे नहीं लगाए गए। इसके चलते लोग इनका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लेने के बाद भी कई लोगों को टिकट नहीं दिए जाने की शिकायत है।

पार्कों का होगा सर्वे, कमियां होंगी दूर

पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। नगर निगम के अधीन पार्कों का सर्वे कराया गया है। पार्कों में जो कमियां हैं, उन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।
-सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद

आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद

आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद

आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद

आवास विकास स्थित शहीद रमेश चंद्र पार्क में टूटे झूले। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें