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पराली जलाते पांच किसान गिरफ्तार, छह पर एफआईआर

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शाहजहांपुर। किसान खेतों में पराली न जलाएं इसके लिए डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी डॉ. एस चन्नप्पा खुद गांवों में जाकर लोगों को समझा रहे हैं। जिले के बाकी अधिकारी भी किसानों को जागरूक कर रहे हैं। पराली जलाने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा रही है। प्रशासन के इतना सब करने के बावजूद किसान पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। आलू और गेहूं की बुवाई को बेताब किसान खेत खाली करने की जल्दबाजी में पराली जलाने में जुटे हैं। मंगलवार को डीएम और एसपी ने तिलहर में किसानों से सीधे संवाद कर उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान और दंडात्मक कार्रवाई के बारे में बताया। पिछले 24 घंटे के दौरान पुवायां क्षेत्र में पांच किसान पराली जलाते गिरफ्तार किए गए। पुवायां और तिलहर तहसील में छह किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तिलहर में 16 किसानों को नोटिस जारी किया गया है।
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पुवायां क्षेत्र मेें हो चुकीं 24 गिरफ्तारियां
पुवायां। तहसील क्षेत्र में पराली जलाने के मामलों में अब तक 85 एफआईआर दर्ज होने के साथ ही 24 किसानों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 24 घंटे के दौरान गांव चांदर गौंटिया निवासी संजय कुमार, बनिगवां के नरेंद्र कुमार और बंडा गांव निवासी रोहित कुमार समेत खुटार पुलिस ने दो किसानों को पराली जलाते पकड़ लिया गया। लेखपालों की तहरीर पर गांव हेतमनगला के रामसागर, आलमपुर पिपरिया के रामपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इन मामलों मेें अब तक पुवायां कोतवाली में 27 एफआईआर हो चुकी हैं और सात लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। बंडा में अब तक 37 लोगों पर एफआईआर की जा चुकी है और अब तक छह लोग गिरफ्तार गिए गए। सिंधौली में नौ एफआईआर एवं छह चालान और खुटार थाने में 12 एफआईआर के साथ पांच किसान गिरफ्तार हो चुके हैं।
तिलहर में चार एफआईआर, 16 नोटिस जारी
तिलहर। नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने लेखपालों की सूचना पर पराली जलाते पाए गए 16 किसानों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें गांव फिरोजपुर के गुड्डू, पौंकी के राजेश पाल एवं राजवीर सिंह, मधुपुरी के मदन पाल सिंह, राम किशोर एवं सतीश, कटरा बाहरी चुंगी के बालिस्टर, सालपुर नवदिया के परमेश्वरी, मदनपाल, रूम सिंह, कुलदीप, कश्मीर सिंह, तिलहर बाहरी चुंगी के नसीमुल्ला, समधाना के चरणजीत सिंह, दर्शन सिंह और बलेमा गांव के श्याम पाल शामिल हैं। तहसीलदार राकेश कुमार के अनुसार पराली जलाने के आरोपी किसानों को तहसील तलब किया गया है। लेखपाल के सामने पराली जलाने की पुष्टि कर संबंधितों पर जुर्माना तय होगा। प्रभारी कोतवाल विनोद कुमार मौर्य के अनुसार इन मामलों में चार किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुवायां तहसील में खुला कंट्रोल रूम
पुवायां। पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के साथ ऐसी सूचनाओं के आदान प्रदान को तहसील कार्यालय में कंट्रोल रूम खोल दिया गया है। एसडीएम सौरभ भट्ट ने बताया कि नायब तहसीलदार की देखरेख में कंट्रोल रूम 24 घंटे प्रभावी रहेगा। कोई भी व्यक्ति पराली जलाने की सूचना एसडीएम के सीयूजी नंबर 9454415880, तहसीलदार के सीयूजी नंबर 9454415886 और नायब तहसीलदार के मोबाइल नंबर 8853631525 पर दे सकता है।
डीएम, एसपी ने किसानों को किया आगाह
तिलहर। तहसील समाधान दिवस में किसानों को डीएम ने सचेत किया कि पराली जलाने से वह खुद का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे हैं क्योंकि इससे खेत की उबर्रता घट रही है और वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पराली जलाना कानूनी अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान पराली जलाते पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दंडित किया जाएगा।
मैंने गांव के सभी किसानों के साथ बैठक कर उन्हें फसल अवशेष जलने से होने वाले नुकसानों के बारे में बताते हुए ऐसा नहीं करने की अपील की है। किसानों से कहा है कि फसल अवशेष की जुताई कर दें, जिससे खेत को खाद भी मिलेगी और मित्र कीट भी बचेंगे।
-अर्जुन यादव, सैदापुर (बंडा)
फसल अवशेष जलाने से हो रहे प्रदूषण और खेती को नुकसान के बारे में किसानों को जागरूक कर रहा हूं। किसानों को फसल अवशेष नहीं जलाने चाहिए। सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
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-सतनाम सिंह, खमरिया गदियाना (खुटार)
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