मजीदापुर गांव के पप्पू श्रीवास्तव की हत्या हुए दो महीने बीत जाने बाद भी घटना का खुलासा नहीं हुआ। यह मामला मंगलवार को विधानसभा में गूंजा। इस मामले के विधानसभा में उठते ही सक्रिय हुई पुलिस ने पप्पू के गांव मजीदापुर जाकर उसके दो रिश्तेदारों और कुछ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए उठा लिया।
18 दिसंबर की शाम सात बजे दुकान बंद कर बाइक से घर जाते समय पप्पू श्रीवास्तव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 19 दिसंबर को एसपी बबलू कुमार भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को घटना का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए थे। गांव मजीदापुर के तीन लोगों को पुलिस ने लगभग 10 दिन तक हिरासत में रखा, लेकिन पुलिस घटना से संबंधित कोई जानकारी हासिल नहीं कर सकी। 22 जनवरी को सांसद कृष्णाराज ने पप्पू के घर जाकर पूरे मामले की जानकारी ली थी, और पांच दिन में घटना का खुलासा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। हालांकि सांसद भी अपना वायदा भूल गईं।
21 फरवरी को भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने पप्पू श्रीवास्तव के घर जाकर पूरा मामला जाना समझा। उन्होंने फोन पर बताया कि मंगलवार को उनकी ओर से पप्पू की हत्या का मामला विधानसभा में उठाया गया। इसका पता लगने पर पुलिस में खलबली मच गई। एसपी डॉ. मनोज कुमार ने मंगलवार दोपहर पप्पू की पत्नी को शाहजहांपुर बुलाया और पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद क्राइम ब्रांच और पुलिस ने पप्पू के गांव मजीदापुर में दबिश देकर उसके दो रिश्तेदारों सहित कई लोगों को हिरासत में ले लिया।